उर्वरक एवं कीटनाशक सामग्री विक्रेताओं पर कार्यवाही से मचा हड़कंप

प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी ओर आता देख दुकानो में लगाया ताला:ऐसे दुकानदरो के लाइसेंस होगे निलबिंत
जबलपुर दर्पण पाटन ब्यूरो/राजेंद्र सिंह। जिले की पाटन एव शहपुरा तहसील के क्षेत्रों में खरीफ सीजन की बोनी अधिकांश हो चुकी है। अब किसान उर्वरक एवं कीटनाशक व नींदानाशक का प्रयोग कर अपनी फसल को स्वस्थ एवं अधिक उपज वाली बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। ऐसे समय में उर्वरक एवं कीटनाशक सामग्री विक्रेताओं की लगातार शिकायत मिल रही है। साथ ही कृषि विभाग द्वारा आधान सामग्री की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखे हुए है। उप संचालक कृषि डॉ एसके निगम के निर्देश अनुसार अनुविभागीय कृषि डॉ इंदिरा त्रिपाठी व वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने शहपुरा विकासखंड के चरगंवा शहपुरा व बेलखेड़ा क्षेत्र के उर्वरक एवं कीटनाशक सामग्री विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की जिनमे चरगंवा क्षेत्र के कृष्णा कृषि केन्द्र एवं श्रीराम कृषि केन्द्र के बिना प्रिसिपल सर्टिफिकेट के कीटनाशक बेचना पाय जाने पर कारण बताओं नोटिस देते हुये बिक्री प्रतिबंधित की गई। वही बेलखेडा क्षेत्र में महावीर टेडर्स,अमित टेडर्स में आदान सामग्री विक्रेताओं ने विक्री अभिलेख संधारित नहीं किए थे। निर्देश दिए गए की विक्रेता प्रिसिपल सर्टिफिकेट जुडे आदान का ही विक्रय करे।
चरगंवा क्षेत्र के सभी उर्वरक एवं कीटनाशक सामग्री विक्रेता अधिकारियो को अपनी ओर आता देख अपने-अपने प्रतिष्ठानों में ताला लगाकर भाग गए ऐसे सभी दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस दिया जायेगा। यदि आगामी समय में दुकानदारों द्वारा इस तरह का कृत्य किया जाता है तो उन सभी दुकानों को सील कर उन सभी के लाइसेंस निलबिंत करने की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। कृषक इंदर सिंह पटेल ग्राम बढैयाखेडा चरगंवा ने धान में कीटनाशक डालने के लिए सामग्री ली गई थी किसान द्वारा बिल नही लिया गया न ही डीलर द्वारा किसान के बिल दिया गया। यह देखकर अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ इंदिरा त्रिपाठी द्वारा समझाइस दी गई किसान आदान सामग्री का बिल अवश्य ले एवं विक्रेता किसानों को बिल देने की सक्त हिदायत दी गई है।




