गया जी स्पेशल बस 4 अक्टूबर को होगी रवाना

जबलपुर दर्पण। 29 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है और इसका समापन 14 अक्टूबर को होगा, हिंदू धर्म के अनुसार जब लोग अपना शरीर त्याग कर चले जाते हैं,तब उनकी आत्मा की शांति के लिए श्रद्धा से पिंड दान व तर्पण विधि किया जाता है उसे श्राद्ध कहते हैं श्राद्ध कर्म करना पितरों की आत्मा की शांति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है तर्पण विधि और पिंड दान करने से शक्ति मिलती है और वह शक्ति परलोक जाने में पितरों की मदद करती है, जहां से वे परिवार का कल्याण करते हैं, गया जी में पिंड दान करने से आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है यहां श्राद्ध कर्म तर्पण करने से कुछ शेष नहीं रह जाता और व्यक्ति पितृ ऋण से मुक्त हो जाता है । पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी मां नर्मदा तीर्थयात्रा सर्विस (रजि.) जबलपुर के कुशल मार्गदर्शन में खानपान और ठहरने की बेहतर व्यवस्था के साथ स्लीपर कोच बस द्वारा श्री गया जी की यात्रा 4 अक्टूबर को नर्मदा पूजन पश्चात तिलवारा घाट से रवाना होगी । यात्रा के संयोजक मुन्ना लाल बर्मन ने बताया प्रयागराज, बनारस, गया जी में तर्पण श्राद्ध कर्म संपन्न करवाया जायेगा इसके बाद बौद्ध गया, अयोध्या, चित्रकूट, मैहर के दर्शन उपरांत जबलपुर पहुंच कर नर्मदा पूजन करके यात्रियों को यात्रा से संबंधित फ्रेमयुक्त फोटो देकर यात्रा का शुभ समापन होगा ।



