जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

एमबीबीएस और बीडीएस की रिक्त सीटों को भरने छात्रों को राहतप्रदान करें सरकार : तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण। प्रदेश के 19 मेडिकल कॉलेज मे एमबीबीएस और बीडीएस की 737 रिक्तियों का मुद्दा पूर्व वित्त मंत्री ने विधानसभा के शून्यकाल मे उठाया विदित हो कि वर्तमान मे जबलपुर के 2 कॉलेज सहित प्रदेश के 19 मेडिकल कॉलेजों मे लगभग 737 एमबीबीएस और बीडीएस की रिक्तियां शेष है | इतने बड़े पैमाने पर एमबीबीएस और बीडीएस की रिक्तियों के बाद भी वांछिक छात्रों को प्रदेश मे प्रवेश से वंचित रखा जा रहा है | यदि प्रदेश सरकार चाहे तो नियमों मे थोड़ी शिथिलता करने से ही वांछिक छात्रों को मेडिकल कॉलेज मे प्रवेश मिल सकता है | मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधन द्वारा भी इस मुद्दे को लेकर सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखा गया था, किन्तु इस मामले मे सरकार की उदासीनता से जहां एमबीबीएस और बीडीएस करने वाले छात्रों को प्रवेश से वंचित होना पड़ेगा वही कॉलेज को सीटें खाली रहने से वित्तीय नुकसान भी उठाना पड़ेगा | प्रदेश सरकार मे पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत द्वारा मेडिकल कॉलेजों मे रिक्त सीटों को लेकर सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया है |
उल्लेखनीय है कि जबलपुर मे सुख सागर मेडिकल कॉलेज मे एमबीबीएस की 3 सीटें खाली है वही हितकारिणी डेंटल कॉलेज मे बीडीएस की 23 सीटें खाली है | इंदौर के 6 कॉलेज मे लगभग 7 एमबीबीएस सहित बीडीएस की 142 सीटें, भोपाल मे एमबीबीएस की लगभग 4 और बीडीएस की सर्वाधिक 319 सीटें, ग्वालियर मे बीडीएस की 99 और बुरहानपुर मे 67 सीटें खाली पड़ी है |
विधायक श्री भनोत ने विधानसभा मे शून्यकाल के माध्यम से छात्रहित के मुद्दे की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए बताया कि प्रदेश के मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों मे एमबीबीएस और बीडीएस की लगभग 737 सीटें ख़ाली पड़ी है, जिनमे एमबीबीएस की 14 और बीडीएस की 724 सीटें शामिल है । इन ख़ाली सीटों से एक तरफ़ जहां नीट के परीक्षा उपरांत निर्धारित परसेंटाइल के कारण दूसरे छात्रों को अवसर नही मिलेंगे तो दूसरी तरफ़ कॉलेज को भी सीटें ख़ाली रहने से नुक़सान होगा । श्री भनोत ने विधानसभा के माध्यम से प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री से केंद्र सरकार के समक्ष नीट के निर्धारित परसेंटाइल को कम करने प्रस्ताव रखने का आग्रह किया ताकि कम परसेंटाइल के कारण प्रवेश से वंचित छात्रों को राहत मिले साथ ही वर्तमान में छात्रों को काउंसलिंग हेतु पंजीकरण शुल्क 1100/- रुपये वसूला जाता है और पंजीकरण अभी बंद है और चूंकि सीटें खाली हैं तो छात्रों के हित में चिकित्सा शिक्षा विभाग बिना पंजीकरण के आवेदकों को रिक्त सीटों पर प्रवेश देने पर विचार करने का भी आग्रह किया है।

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