पहले छः किमी में बेला और अब 22 किमी का हुआ फेरा

अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की दादागिरी
रीवा। संभागीय मुख्यालय रीवा से लगे बीस बाईस गांव में रहने वाली आबादी के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है।
पिछले तीन महीने से 32 साल पुरानी सड़क को फैक्ट्री प्रबंधन ने अचानक हमेशा के लिए बंद करवा दिया है।जिसके कारण स्कूली बच्चों के साथ साथ आमजनों को भी आवागमन के लिए भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।पहले जहां जेपी के एजुकेशन हब तक पहुंचने के लिए गांव वालों को केवल छः किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थीलेकिन जबसे बेलगाम अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने सामान्य लोगों की आवाजाही वाली सड़क को खाई बनाकर छोड़ दिया। जिसके कारण हम बीस से अधिक गांवों में रहने वाले लोगों को एजुकेशन हब तक पहुंचने के लिए मजबूरी में 22 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।बताया जाता है कि जेपी सीमेंट प्लांट के प्रबंधन ने गांव वालों की समस्या को देखते हुए आरसीसी सड़क बनवा दी।जब तक यह सड़क नहीं बनी थी तो आम लोगों की आवाजाही प्लांट के अंदरूनी हिस्से में बनाई गई थी।जेपी सीमेंट की आर्थिक स्थिति डगमगाने के कारण उसे अपने प्लांट अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को बेंचना पड़ा।मालिकाना हक अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड को मिलते ही चालीस हजार की आबादी को आवागमन मुद्दे पर परेशान करने के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने सड़क पर जेसीबी मशीनों से खाई का निर्माण करवा दिया, जिससे गांवों में रहने वाले लोग पैदल, साइकिल, मोटर साइकिल, चार पहिया वाहनों से आवाजाही न कर सकें।कितनी बड़ी विडम्बना है कि एक सीमेंट फैक्ट्री लोगों को आवागमन के लिए सड़क सहित अन्य तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विश्वास करती है तो वहीं दूसरी अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड गांवों में रहने वाले हजारों लोगों से सुविधाएं छिनने का काम करती है।गांवों में रहने वाले लोगों ने यह तय किया है कि इस मामले की शिकायत कलेक्टर इलैयाराजा टी से मिलकर की जाएगी। यदि इसके बाद भी गांव वालों को पहले की तरह ही सड़क सुविधा हासिल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने आमरण अनशन करने का निर्णय लिया है।
जेपी सीमेंट ने आसपास के 28 गांवों को लिया था गोद
सीमेंट उद्योग के मामले में जेपी एसोसिएट्स की शुरुआत सबसे पहले रीवा जेपी प्लांट के साथ हुई थी।जेपी सीमेंट के प्रबंधन ने आसपास के 28 गांवों को गोद लिया था।
जेपी ने इन तमाम गांवों में सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, मंदिर का निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ कराया था।गांवों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का काम भी जेपी सीमेंट हमेशा करता था।अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने जैसे ही रीवा और बेला का सीमेंट प्लांट हैंड ओवर कर लिया तो सबसे पहले उस अति महत्वपूर्ण आरसीसी सड़क को खाई बनाकर हमेशा के लिए बाधित कर दिया गया जहां से बाईस गांवों में रहने वाले लोग सहजता से एजुकेशन हब से बेला तक यात्रा पूरी कर लेते थे।तीन महीने पहले अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने सड़क के एक बड़े हिस्से में मशीन से खाई का स्वरूप बनवा दिया है।अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की दादागिरी के कारण स्कूली बच्चों को भी बाईस किलोमीटर की लंबी यात्रा करने के लिए विवश होना पड़ता है। परेशान ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क के मुद्दे को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी हम कर चुके हैं।जल्द हाईकोर्ट जबलपुर में गांव वालों की तरफ से एक जनहित याचिका दायर की जाएगी।सूत्रों ने बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ने छः किलोमीटर की पुरानी सड़क पर माइंस होने की सुरक्षा के मद्देनजर सड़क को जबरिया बंद करवा दिया है।जब 32 साल पहले जेपी सीमेंट ने छः किलोमीटर की आरसीसी सड़क का निर्माण कराया था,उस समय भी माइंस यहीं मौजूद रही। लेकिन जेपी ने जनहित को हमेशा प्राथमिकता दी।



