शीतल पानी के जंगलों में फिर दिखे बाघों के पद चिन्ह

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो।जिले के बजाग जनपद क्षेत्र अंतर्गत शीतल पानी के जंगलों में एक बार फिर बाघों के पद चिन्ह दिखाई दिए हैं। बताया गया कि कक्ष क्रमांक 507A मैं आज शुक्रवार को सुबह सुबह जंगल के रास्तों में बाघों के पद चिन्ह दिखाई दिए हैं, लेकिन अब यह बाघ किधर गए हैं, इस बात का सही अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। गौरतलब है कि विभागीय अमला वन्य जीवों को संरक्षित रख पाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर पा रहा, जिससे आए दिन वन जीव जंतुओं के शिकार होते हुए भी देखे जा रहे हैं। क्षेत्र में जंगलों की संरक्षण में वर्षों से लगे अरविंद बाबा की माने तो जंगलों में पहले और भी ज्यादा जंगली जीव जंतु हुआ करते थे, लेकिन अब समय गुजरने के साथ वनों की कटाई होने लगी, जिससे अब धीरे-धीरे कम मात्रा में ही जंगली जानवर बच पाए हैं। बताया गया कि कुछ जंगली जानवर पर्याप्त चारा पानी की व्यवस्था ना होने के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान भी चले गए हैं। यही कारण कि बजाग में शीतल पानी के जंगलों से अब धीरे-धीरे जंगली जीव जंतु कम नजर आ रहे हैं, जिन्हें भी संरक्षित करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे। आरोप है कि उचित मात्रा में चारा पानी ना होने की स्थिति में जंगली जानवरों की मौत हो रही है। पिछले दिनों जंगल में बाघ के पद चिन्ह दिखाई देने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई है, जहां लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली को ही संदिग्ध बताया है।



