नाबालिग से बलात्कार करने वाले आरोपी को हुई आजीवन कारावास की सजा

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण न्यूज। मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार वर्मा अभियोजन अधिकारी द्वारा बताया गया कि थाना समनापुर के अप0क्र0 378/2022 सत्र प्रकरण क्रमांक 99/2022 के आरोपी भूरासिंह मनोटया पिता ननसू उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम मोहारी थाना समनापुर जिला डिण्डौरी को नाबालिग बालिका के साथ जबरदस्ती और गलत काम (बलात्कार) करने तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। बताया गया कि न्यायालय कमलेश कुमार सोनी, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डिण्डौरी द्वारा आरोपी को धारा 342 भादवि के अपराध के लिए 06 माह कठोर कारावास एवं 500/- का अर्थदण्ड, धारा 3/ 4 पॉक्सो एक्ट के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 1000/- का अर्थदण्ड, एवं धारा 506 भाग-2 भादवि के अपराध के लिए 01 वर्ष कठोर कारावास एवं 500/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर क्रमश: 01 माह, 02 माह, 01 माह अतिरिक्त कारावास भुगताने जाने का आदेश पारित किया गया। मिली जानकारी अनुसार प्रार्थिया ने थाना में उपस्थित आकर मौखिक बताकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि मै GNM का कोर्स करने के लिए जिला मण्डला में एडमीशन ली हूं, समान ले जाने के लिये घर मौहारी आयी थी। मां को बताई कि सोने के लिए एक खटिया मण्डला ले जाना है, घर में मेरी मां अकेली रहती है। घर का काम एवं खेती बाडी का काम करने के लिये गांव के ही भूरा मनोठिया को अपने घर में नौकर रखे है। दिनांक 30/07/22 को मेरी मां सुबह 08/30 बजे दूसरे घर मजदूरी करने गई थी, मै लगभग दोपहर 02 बजे गांव के दुकान तरफ घूमने गयी थी, वहां से वापस आ रही थी तभी रोड किनारे भूरा मनोटिया का घर है जो मुझे देखकर बोला कि खटिया देख लो। तब मै भूरा मनोटिया के घर के अंदर खटिया देख कर वापस आने लगी, तभी भूरा मनोटिया ने मेरा दाहिना हाथ पकड़ कर बोलने लगा कि मेरे से मिल ले तब मै बोली की तुम मेरे चाचा हो तब भूरा मनोटिया बोलने लगा कि आज नही मिली और चिल्लाई तो तुझे जान से खत्म कर दूगां, कहकर घर के दरवाजा बंद कर दिया और मुझे बाहर नही जाने दे रहा था। फिर खटिया में पटककर मेरे सलवार एवं पेंटी को उतार कर जबरदस्ती गलत काम (बलात्कार) किया है । फिर कुछ देर बाद मुझे छोड़ दिया तब मै डर के कारण वहां से निकल कर रोते हुये अपने घर आकर दीदी को फोन पर घटना की बात बताई। जब मेरी मां शाम को 05 बजे घर आयी तो मां को भी घटना की बात बताकर साथ में रिपोर्ट करने आई हूं कि रिपोर्ट पर धारा 376, 506, 342 ताहि, 4 पाक्सो एक्ट का कायम कर विवेचना मे लिया गया। विवेचना में संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। तदुपरांत अभियोजन के साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय कमलेश कुमार सोनी, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डिण्डौरी द्वारा उपरोक्तानुसार दण्ड से दण्डित किया गया।



