यदि स्कूल चलाना व्यापार है तो व्यापारी की तरह घाटा सहो।

अभिभावकों के हित के साथ एबीवीपी
जबलपुर। लॉक डाउन की इन विषम परिस्थितियों में निजीी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर फीस जमा करने के लिए दबाव बनाना अनुचित और अमानवीय भी है। जिस प्रकार कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौरान लॉकडाउन जैसी परिस्तिथियाँ उत्पन्न होने के कारण प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक व मानसिक रूप बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वही दूसरी ओर दिन प्रतिदिन छात्रों ब अभिवावकों पर अशोका हॉल स्कूल प्रबंधन द्वारा फीस की वसूली को लेकर दबाब बनाया जा रहा है। यदि स्कूल एक व्यापार है तो व्यापारी की तरह घाटा भी सहो और यदि स्कूल सेवा है तो निःस्वार्थ भाव से सेवा भी करो। इन्ही विचारो के साथ आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जबलपुर महानगर के द्वारा अशोका हॉल विद्यालय प्राचार्य कक्ष के बाहर ज्ञापन चस्पा किया गयाकार्यक्रम में मुख्य रूप मे से महानगर सह मंत्री पवित्र जैन, सह विद्यालय प्रमुख आर्यन बेंटिया,प्रान्त क्रीड़ा प्रमुख हर्ष गोस्वामी, अथर्व तिवारी,अक्षत जैन,अर्पण जैन,अंश अग्रवाल, अनेको कार्यकर्ताओ के साथ मौजूद थे।



