अनूपपुर दर्पणमध्य प्रदेशस्वास्थ्य/सेहत दर्पण

मलेरिया विभाग में फर्जी भर्ती मामले में तीन जिम्मेदार अधिकारी,कर्मचारी निलंबित

अनूपपुर (विकास ताम्रकार) मलेरिया विभाग में 14 लोगो फर्जी नियुक्ति एवं एनएचएम की गाईड लाइन के विपरीत जाकर सीएचओ के स्थानांतरण के मामले में तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.डी. सोनवानी के बाद 27 सितम्बर को क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें रीवा द्वारा कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी में पदस्थ उप जिला माध्यम विस्तार अधिकारी के.पी. सिंह, लेखापाल एम.के. दीक्षित एवं मुख्य लिपिक चंदू पाव को निलंबित कर दिया गया है। मामले का उजागर न्यूज अनूपपुर द्वारा सबसे पहले मलेरिया विभाग में फर्जी तरीके से 14 लोगो की भर्ती किए जाने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी गाइड लाईन के विपरीत जाकर सीएचओं के स्थानांतरण किए जाने के मामले में कलेक्टर सोनिया मीना के द्वारा प्रेषित किए पत्र के आधार पर क्षेत्रीय संचालक रीवा द्वारा निलंबित किया गया है।
मामले की जानकारी के अनुसार उप जिला माध्यम विस्तार अधिकारी के.पी. सिंह एवं मुख्य लिपिक चंदू पाव द्वारा मलेरिया विभाग में विभिन्न पदों की भर्ती प्रक्रिया की शिकायत होने पर नियमानुसार जांच दल गठित की जाकर प्रकरण की जांच कराई गई। जिसमें के.पी. सिंह की संलिप्ता पाए जाने पर प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए तथा उन्होने अपने पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं हठधर्मिता करते हुए म.प्र. भर्ती नियम 1986 में दिए गए प्रावधानों के विरूद्ध भर्ती प्रक्रिया की गई। जहां जांच प्रतिवेदन 1 दिसम्बर 2020 को अपर संचालक संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें म.प्र. भोपाल द्वारा क्षेत्रीय संचालक को निर्देश दिए गए थे, जिस पर संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें भोपाल के निर्देशानुसार एवं म.प्र.सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के भाग चार के नियम 9 (1) के अनुसार उप जिला माध्यम विस्तार अधिकारी के.पी. सिंह को तत्काल प्रभाव निलंबित कर दिया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page