सीनियर सिटीजन, खिलाड़ियों, युवाओं, पत्रकारों, किसानों और शहीदों की विधवाओं रेल रियायत किराया छूट बहाल करने राज्यसभा सदस्य को ज्ञापन सौंपा

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने राज सभा सदस्य राजमणि पटेल के जबलपुर आगमन पर सीनियर सिटीजन की पन्द्रह माह से बन्द पड़ी रेल किराए में छूट को तत्काल शुरू कराने राज सभा में ध्यानाकर्षण दिलाने ज्ञापन सौपा। और बताया कि कोरोना संक्रमण काल में सीनियर सिटीजन को मिलने वाली रेल किराए की छूट भारत सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था आज जब पूरा देश मैं सामान्य स्थिति हो जाने के बाद भी भारत सरकार रेल मंत्रालय द्वारा रेल किराए रियायत को चालू नहीं किया गया है इसके अलावा यह छूट देश के खिलाड़ियों, कलाकारों, अधिमान्य पत्रकारों, युवाओं, किसानों और शहीदों की विधवाओं को भी दी जाए। केंद्र सरकार ने कोरोना का हवाला देकर सीनियर सिटीजन को रेल किराए में छूट की सुविधा अचानक बन्द कर दी है। यह कहा गया था कि बुजुर्गो को सफर से रोकने के लिए रियायत बन्द की गई है जबकि इस दौरान करीब चार करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मजबूर होकर पूरा किराया चुकाकर यात्रा करनी पड़ी। यह उनके साथ धोखेबाजी है। खासकर उनके साथ जो वाकई जरूरतमंद हैं। सीनियर सिटीजन होने पर महिलाओं को पचास प्रतिशत और पुरुषों को चालीस प्रतिशत छूट किराए में दी जाती थी।उन्होंने कहा कि रेलवे ने लगभग बयानवे प्रतिशत गाड़ियां फिर से शुरू कर दी हैं। परंतु राहत देने के मामले में लॉकडाउन जैसी पाबंदी लगा रखी है। यह ऐसा दुष्काल है जब हर कोई आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पूर्व में सीनियर सिटीजन के साथ युद्ध में जान गंवाने वाले सैनिकों की विधवाओं, खिलाड़ियों, किसानों,पत्रकारों, युवाओं आदि को बरसों से छूट मिल रही थी। लेकिन कोरोना के नाम पर यह छूट वापस ले ली। शहीदों की विधवाओं को सेकंड क्लास श्रेणी और शयनयान में पचहत्तर प्रतिशत छूट मिलती थी। कृषि और औद्योगिक प्रदर्शनियों में जाने के लिए किसानों और श्रमिकों के लिए पचास प्रतिशत की छूट थी।इंटरव्यू के लिए जाने पर युवाओं को और स्काऊट गाइड्स को भी पचास फीसदी किराए में रियायत थी। पिछले साल 20 मार्च से यह छूट बन्द कर दी गई है। रेल किराए में दी जा रही रियायत को बंद करने का कोई औचित्य नहीं था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव संसद में कह चुके हैं कि फिलहाल रियायतों को बहाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
अतः राज्य सभा सदस्य राजमणि पटेल जी राज्यसभा में इस मामले को जोर-शोर से उठाएं जिससे रेल रियायत किराया पुनः प्रारंभ हो सके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करें की रेल किराए में छूट दिए जाने के पीछे छिपी भावनाओं की कद्र करते हुए उन्हें फिर से लागू किया जाए।



