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बिनैका पंचायत द्वारा नाली निर्माण मे भ्रष्टाचार का खेल

मण्डला। जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों मे शासकीय योजनाओं मे खुलकर कर रही हैं। जिसकी शिकायतें समय-समय पर ग्रामीणों द्वारा सम्बंधित अधिकारियों से करते हैं जिसको लेकर उन शिकायतों को रद्दी वाली टोकरी मे डाल देते हैं। और स्थिति जस की तस बनी रहती है और भ्रष्टाचारियों के हौसले बुंलद हो रहे हैं। जिससे शासकीय योजनाओं के लाभ से ग्रामीण बंचित रह जाते हैं। अभी हाल ही मे ही जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम पंचायत सेमरखापा का मामला भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाया हुआ है जिसकी शिकायत पर जांच चल रही अब देखना है की जांच अधिकारी जांच कितना ईमानदारी से करते हैं या केवल जांच कागजों मे कर शिकायत को ठंडे बस्ते मे डालते हैं। ऐसा ही कुछ सेमरखापा के नजदीक ग्राम पंचायत बिनैका का सुर्खियों मे चल रहा है। यह सब जबावदारों की नाक के नीचे हो रहा है और वे चुप्पी साधे बैठे हुये हैं जिससे स्पष्ट होता है की कहीं न कहीं इस खेल मे इनकी सहभागिता नजर आती दिखती है।

ये है मामला-जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बिनैका जनपद पंचायत मण्डला का प्रकाश मे आया है जहां शासन द्वारा नाली निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को लगभग राशि 384000/- लाख रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसमे विष्णु चौरसिया के मकान से छोटू भारत के मकान तक नाली का निर्माण 14 वां वित्त से होना है। ग्राम पंचायत उक्त निर्माण कार्य घोर लापरवाही एवं नियमों की अनदेखी के साथ करा रही है। जिससे इस कार्य मे कहीं न कहीं भ्रष्टाचार की बू आ रही है। जिसकी जांच होने से स्पष्ट हो जावेगा।

नाली निर्माण कार्य मे ठेका प्रथा कायम- जानकारी अनुसार पंचायत द्वारा नाली निर्माण पूरा ठेका से करा रही है जिसकी बात ठेकेदार के कर्मचारी ने स्वीकारा,जो नियम विरुद्ध है, वहीं ग्राम के लोगों को इस कार्य मे मिलने वाले रोजगार से बंचित रहना पड़ रहा है जबकि सरकार की मंशा है कि पंचायतों मे तरह-तरह योजना संचालित कर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सके। पर यहां पंचायत सरकार की मंशा मे पानी फेरते हुये,मन मर्जी से निर्माण कार्य करा रही है।

बजबजाती कच्ची नाली मे चल रहा काम-ठेकेदार द्वारा नाली बनाने का काम पूरी गति से आंख बंद कर के कराया जा रहा है कच्ची नाली मे जहां पूरे गांव का गंदा मलवा बह रहा उसी गंदे मलवे मे बिना साफ किये रेत गिट्टी की डाला कर बेश तैयार किया जा रहा है दूसरी ओर नाली से पानी बहने से सीमेन्ट बह रही है केवल गिट्टी व रेत, बेश मे बच रही है अर्थात पंचायत नाली का निर्माण गुणवत्ता को ताक मे रखकर ठेकेदार से कराया जा रहा है जिस तरह से पक्की नाली का कार्य हो रहा है उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि नाली एक ही बारिश मे बह सकती है। और शासन द्वारा दी गयी ग्राम विकास के लिए राशि मे पंचायत द्वारा भ्रष्टाचार की होली खेली जा रही है ।

नही लगा सूचना पटल, निर्माण कार्य की पंचायत द्वारा सही जानकारी नही दी जा रही-शासन के निर्देशों का पालन ग्राम पंचायत द्वारा नही किया जा रहा है। नियमतः निर्माण कार्य का निर्माण स्थल पर सूचना पटल (बोर्ड) लगाया जाना चाहिए, जिसमे कार्य की स्वीकृति राशि, कार्य किस मद से हो रहा है, आदि की जानकारी बोर्ड मे होना चाहिए, जो यहां नही है।
निर्माण कार्य की जानकारी सरपंच, सचिव द्वारा सही नही दी जा रही है। जो सीधा-साधा भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

ग्राम पंचायत मौन, उप यंत्री ने दिया टका जबाव-जब इस संबंध मे संबंधित उप यंत्री से पूछा गया तो उन्होंने टका सा जबाव देते हुये कहा की कार्य पूरी गुणवत्ता से कराया जा रहा है जिसकी मेरे द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है। इस काम मे किसी प्रकार की लापरवाही नही हो रही है। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव से पूछा गया तो उन्होंने भी ठेके वाली बात को नकार दिया। और काम को अच्छा बताया गया, जो जांच का बिषय है। सूत्रों की माने तो यहां चलता है सचिव का सिक्का..।
गांव के लोगों ने यह भी बताया की इसी नाली के सामने रोड़ के दूसरी तरफ की नाली एक साल के अन्दर ही खराब हो गयी ऐसा ही हाल इस नाली का होगा। ये से लापरवाहो के ऊपर दण्डात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए जो शासन की योजनाओं मे लापरवाही या भ्रष्टाचार कर रहें हो।

इनका कहना है-आपके द्वारा जानकारी दी गयी मै तत्काल तकनीक परीक्षण हेतु उप यंत्री और सहायक यंत्री को मौके मे भेज कर जांच करवा कर उचित कार्यवाही करूँगा।
शैलेंद्र शर्मा,मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत मण्डला.

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