जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

सत्संग और संत समागम से होता है निर्मल मन: कौशिक जी महाराज

जबलपुर दर्पण। गौमाता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नर्मदा गौ कुंभ मेला ग्राउंड, गीताधाम गौरीघाट में आयोजित श्री अतिरुद्र समन्वय चंडी महायज्ञ में वैदिक मंत्रों से आहुतियां लगातार 351 घंटे तक अनवरत चलेंगी। वहीं गीताधाम में वैदिक विद्वानों के मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक अनवरत चल रहा है, जो लगातार 351 घंटे चलेगा। इस अवसर पर पुराण मनीषी आचार्य श्री कौशिक जी महाराज ने रामकथा का वर्णन करते हुए कहा कि परमात्मा अनुरागियों को भगवान स्वयं अपने ह्रदय में स्थान देते हैं। भक्त और भगवान का रिश्ता बनने के साथ ही भक्त के हर सुख दुःख में प्रभु सहभागी होते हैं। श्रीराम ने जीवन चरित्र में मर्यादा और अनुशासन का पालन किया है। जीव को अपने स्वयं के कल्याण के लिए प्रभु से अनुराग रखते हुए हरि को ह्रदय के आंगन में बिठाना चाहिए। निर्मल मन में भगवान निवास करते हैं। ह्रदय से काम क्रोध लोभ अहंकार का कचरा साफ करने संत-समागम और सत्संग करना चाहिए। सत्संग में जाने मात्र से प्रारब्ध के साथ भविष्य सुधार जाता है। भगवान हर भक्त का कल्याण करते हैं ।
कौशिक जी महाराज ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि नवरात्र में अति रुद्र समन्वय चंडी महायज्ञ में आहुतियां देने के साथ ही दर्शन का बहुत महत्व है। यज्ञनारायण में देवों को साक्षात दर्शन के साथ देवताओं को प्रसन्न करने का सबसे सरल माध्यम है। यज्ञ की परिक्रमा करने मात्र से सारे मनोरथ पूर्ण होते हैं।
व्दादश ज्योतिर्लिंगों की श्रृद्धालुओं ने की पूजा अर्चना
पं. रामदेव शास्त्री ने बताया कि क यज्ञ स्थल पर कैलाश पर्वत की अनुकृति बनाई गई है, जिसके दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। इसके अलावा द्वादश ज्योतिर्लिंगों की दर्शन पूजन श्रृद्धालुओं ने की ।
व्यास आरती पूजा श्रीमती गीता रामप्रकाश भटेले ने की
व्यास पीठ पूजन पंडित रामदेव शास्त्री, श्याम साहनी,मुन्ना पांडे,रामजी अग्रवाल, शरद काबरा,ब्रजेश शर्मा, आचार्य राममोहन, सत्यम त्रिपाठी अंकित शर्मा शिवम शर्मा राकेश व्दिवेदी आशीष पाराशर रामनरेश द्विवेदी आचार्य मुकुंद शास्त्री ने किया। श्रीराम कथा में श्रृद्धालुओं की उपस्थिति रही।
श्रीराम कथा में आज दोपहर 2 बजे से श्री कौशिक जी महाराज कथा का वाचन करेंगे। अति रुद्र समन्वय चंडी महायज्ञ में 351 घंटे अनवरत आहुतियां होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page