संस्कारधानी की सांजलि ने, हासिल की अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि।

पहले भी प्रकाशित हो चुकी है एक संकलित किताब।
जबलपुर। प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती अगर उसे सही समय पर मार्गदर्शन मिल जाए तो निखर कर दुनिया के सामने आती है और संस्कारधानी जबलपुर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों में यहां से निकली प्रतिभाओं ने विश्व स्तर पर देश और शहर का नाम ऊंचा किया है। संस्कारधानी की ऐसी ही एक प्रतिभा का नाम है, सांजलि अग्रवाल। नगर के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय जमुना प्रसाद अग्रवाल की पोती एवं नर्मदा महाआरती के संस्थापक डॉ. सुधीर अग्रवाल की बेटी एवं शरद अग्रवाल, सचिन अग्रवाल अधिवक्ता की भतीजी, सांजली अग्रवाल का नाम इन द एरा ऑफ बुक के प्रकाशन के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के साथ ही एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज हो गया है l
इस उपलब्धि को प्राप्त करने पर चर्चा में सांजली अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने जिंदगी के दो नजरिए पर आधारित उद्धरण को देश विदेश के 215 यूथ से मंगाकर उसका संकलन इस पुस्तक में किया है पहला उद्धरण जो आसपास घटित हो रहा है और दूसरा उद्धरण जो बेहतर नजरिए को प्रतिपादित करता है, इस तरह से यह संकलन कर इस पुस्तक का प्रकाशन अक्टूबर 2020 में हुआ । यह बुक 80 देशों में पहुंचेगी। सांजली ने आगे बताया कि इसी तरह उन्होंने सितंबर 2020 में कविता के क्षेत्र में भी ” मां से मैं ” बुक में 145 राइटर से कविता मंगवा कर उसका प्रकाशन किया था । सांजलि को अब तक संपूर्ण विश्व से 120 प्रमाण पत्र भी प्राप्त हुए हैं। वे मदर टैरेसा कॉलेज में एलएलबी में फर्स्ट ईयर की टॉपर भी रही हैं। वे वर्तमान में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की बीएएलएलबी थर्ड सेमेस्टर की नियमित छात्रा हैै। उन्हें 13 जनवरी 2021 को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर सर्टिफिकेट मोमेंटो ए मैडल भी प्रदान किया गया एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में 16 जनवरी 2021 में नाम दर्ज हो चुका है इसका भी सर्टिफिकेट एवं मैडल भी उन्हें प्राप्त हुआ है ।



