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सरकार ने किया ओएफबी के निगमीकरण का रास्ता साफ।

सरकार ने किया ओएफबी के निगमीकरण का रास्ता साफ
राष्ट्रीय सुरक्षा पर होगा बुरा असर: कर्मचारी संगठनों का विरोध

जबलपुर। सुरक्षा संस्थानों की औद्योगिक रक्षा इकाइयों को सरकार निजी हाथों में सौंपने जा रही है और यदि ऐसा हुआ तो यह देश की सुरक्षा के साथ एक खिलवाड़ होगा। सरकार का यह फैसला रक्षा मंत्री के आश्वासन के विपरीत है और संसद की अवमानना भी। कुछ ऐसे ही विरोध के स्वर उभरे ओएफबी के निगमीकरण पर। हिंद मजदूर सभा मध्यप्रदेश के अतिरिक्त महासचिव नेम सिंह जी ने बताया। केंद्रीय श्रम संगठन हिंद मजदूर सभा ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में निजी कंपनियों के लिए रास्ता साफ करने के केंद्र सरकार के फैसले पर सख्त विरोध जताया है। हिंद मजदूर सभा की विज्ञप्ति के मुताबिक केंद्र सरकार ने 220 साल पुराने आर्डनेन्स फैक्टरी बोर्ड के कारपोरेटीकरण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, प्रस्ताव को 16 जून को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई।

हिंद मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू ने कहा है आर्डनेन्स फैक्टरी बोर्ड ही देश की 41आर्डनेन्स फैक्टरियों को संचालित व नियंत्रित करता है। ओएफबी के निगमीकरण को मंजूरी देने का सीधा मतलब है कि सरकार रक्षा उत्पादन का क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खोलना चाहती है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भी यह क्षेत्र खुल जाएगा।
सिद्धू ने कहा है कि सरकार का ओएफबी संबंधी ताजा फैसला रक्षा उत्पादन को प्राइवेट हाथों में देने की सोची-समझी योजना का हिस्सा है। यह लागू हुई तो हमारी रक्षा संबंधी तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बुरा असर पड़ेगा। सिद्धू ने कहा है कि हिंद मजदूर सभा ओएफबी के निगमीकरण की मंजूरी दिए जाने का कड़ा विरोध करती है और रक्षा क्षेत्र के सिविलियन कर्मियों के साथ हमेशा खड़ी है।
सिद्धू ने यह भी कहा है कि सरकार का ओएफबी संबंधी ताजा फैसला पूर्व के रक्षामंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासन से उलट है। रक्षा मंत्रालय की स्थायी संसदीय समिति के सामने दिए गए आश्वासन के अलावा संसद में भी सरकार कह चुकी थी कि रक्षा उत्पादन को निजी हाथों में देने की उसकी कोई योजना नहीं है। अब सरकार जो कर रही है वह साफतौर पर संसद की अवमानना है।
सिद्धू ने कहा है कि हिंद मजदूर सभा ओएफबी के निगमीकरण के विरोध में अपनी इकाइयों और अन्य श्रमिक संगठनों का हर कदम पर साथ देगी।
हिंद मजदूर सभा मध्यप्रदेश के आर एन शर्मा, शिव पांडे, शरद बोरकर, मिठाई लाल रजक, पुष्पेंद सिंह, नीलकमल, रोहित यादव, कुशल राणा,अमरीश सिंह, नितेश सिंह, वीरेंद्र साहू, राजा पांडे, राकेश जयसवाल, उत्तम विश्वास, सिमेंद्र रजक, आशीष विश्वकर्मा, मोहनलाल, इत्यादि ने सभी कर्मचारी साथियों को संघर्ष के लिए तैयार रहने का आव्हान किया है।

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