मध्य प्रदेशरीवा दर्पण

चिराहुला तालाब पार्क में असामाजिक तत्व बड़ी परेशानी


दूरदराज से आने वाले लोगों के लिए यहां राहत नहीं
रीवा दर्पण। संभागीय मुख्यालय रीवा के रानी तालाब पार्क की तर्ज पर चिरहुला तालाब पार्क को विकसित कराया गया है। रानी तालाब जैसी भव्यता देने का प्रयास यहां पर किया गया है लेकिन उम्मीद के अनुसार सफलता काम करने वालों को नहीं मिल पाई है। विंध्य के प्रायोजित विकास पुरुष की उपाधि से नवाजे गए नेता ने रानी तालाब डेवलपमेंट की तर्ज पर चिरहुला तालाब का विकास करने की रूपरेखा तैयार की। यहां पर भी तालाब के चारों तरफ हरियाली का विस्तार करते हुए पार्क को विकसित करने का काम किया गया है। रीवा नगर निगम की तरफ से चिरहुला तालाब पार्क के रखरखाव और सुरक्षा के लिए सही तरीके की व्यवस्था ना बनाए जाने के कारण यहां पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा एक जटिल समस्या बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि चिरहुला धाम मैं बजरंगबली के दर्शन पाने के लिए सप्ताह के मंगलवार और शनिवार को जिले भर से भक्तों का रेला लगा रहता है किसी भी त्योहार पर इस ऐतिहासिक मंदिर में दर्शन करने वालों की भीड़ सुबह 4:00 बजे से नजर आने लगती है। चावला तालाब को पार्क के रूप में विकसित करने के दौरान सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया है जिसके कारण यहां पर संदिग्ध जोड़ों के साथ-साथ शराब और अन्य तरह के नशे के आदि लोगों का जमावड़ा सुबह से लग जाता है। देर रात तक इस पार्क क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ बनी रहने के कारण चिरहुला सहित आसपास रहने वाले लोग पाक की तरफ जानबूझकर नहीं आ पाते हैं। रीवा नगर निगम ने रानी तालाब पार्क की तरह चिरहुला तालाब पार्क की देखरेख करने के लिए उपयुक्त व्यवस्था नहीं की है यही वजह है कि यहां पर सुरक्षा के इंतजामों को नजरअंदाज किया जाता है ऐसी स्थिति में किसी भी समय एक बड़ी घटना चिरहुला तालाब पार्क में सामने आ सकती है। असामाजिक तत्वों और नशेडियो की घुसपैठ पाक क्षेत्र में बनी रहने के कारण हमेशा खतरा बना रहता है।

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट नाम से विख्यात है मंदिर
संभागीय मुख्यालय रीवा में रानी तालाब मंदिर की तरह चिरहुला मंदिर का भी विशेष स्थान है। दूरदराज से रीवा जिले के इस विख्यात मंदिर में सत्ता है कि हर मंगलवार और शनिवार को सैकड़ों की संख्या में भक्तों के आने का सिलसिला सुबह 4:00 बजे से प्रारंभ हो जाता है। चिरहुला धाम आपको स्थानीय लोग हाई कोर्ट भी कहते हैं इस पवित्र स्थान से कुछ दूरी पर बजरंगबली का एक और मंदिर बना हुआ है जिसे सुप्रीम कोर्ट कहा जाता है। कहा जाता है कि जब भक्तों की बात हाई कोर्ट यानी चिरहुला नाथ महाराज के दरबार में अधूरी रह जाती है तो फिर कुछ दूरी पर बसे भव्य मंदिर में विराजे बजरंग बली की प्रतिमा के समक्ष सुप्रीम कोर्ट की तरह सुनवाई होती है। रीवा वासियों की माने तो इतने विख्यात और आस्था के प्रसिद्ध स्थान पर तालाब का सुंदरीकरण स्वागत योग्य है लेकिन असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों की घुसपैठ चिरहुला तालाब पार्क में बनी रहने की वजह से स्थानीय लोग परिवार की सुरक्षा के कारण यहां पर आना पसंद नहीं करते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page