मध्य प्रदेशसतना दर्पण

रायल्टी चोरी में खनन माफियाओं ने बना डाला रिकॉर्ड


आस्था, श्रद्धा, आदर्श इंटरप्राइजेज का बेजोड़ नेटवर्क
सतना दर्पण। जिले की खनिज संपदा का सबसे बड़ा दुश्मन माफियाओं का समूह बन गया है, लेटेराइट, लाइम स्टोन, बाकसाइट जैसे खनिज को अवैध उत्खनन और परिवहन के माध्यम से नेपाल तक पहुंचाने का कारनामा माफियाओं का समूह लगातार कर रहा है। जिले के विभिन्न हिस्सों में कागजी माइंस की आड़ लेकर अवैध उत्खनन का बड़ा खेल किया जाता है। सतना शहर से लगे ग्राम पंचायत बतखर में इस खेल को तरीके से अंजाम दिया गया है। आस्था, श्रद्धा और आदर्श इंटरप्राइजेज जैसी कंपनी बनाकर माफियाओं के समूह ने करोड़ों रुपए का खेल कर डाला है। ग्राम पंचायत चूली निवासी अशोक दि्वेदी पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड है। जिला बदर का आरोपी हाईकोर्ट से स्टे लेकर चल रहा है। यह वही मास्टरमाइंड है जिस पर आधा दर्जन राष्ट्रीयकृत बैंकों को निशाना बनाने का आरोप भी है। इसी अशोक दि्वेदी ने विमलेश सिंह तिवारी खमहरिया के साथ मिलकर मनोज अगिनहोत्री राजगुरु की पुस्तैनी जमीन पर जबरिया कब्जे की योजना बनाई है। अशोक चूली के साथ काम करने वाले माफियाओं ने 180/रुपए टन के हिसाब से लाइम स्टोन की सप्लाई अवैध उत्खनन करते हुए बिरला सीमेंट सतना और बिरला प्लांट भरौली मैहर को उपलब्ध करवाई है। बिरला के भरौली प्लांट मैहर को 80 हजार टन लेटेराइट 8 करोड़ 40 लाख रुपए की सप्लाई की है। यह सारा काम आस्था, श्रद्धा और आदर्श इंटरप्राइजेज कंपनी के माध्यम से किया गया है। इन तीनों कंपनी का मास्टरमाइंड मालिक स्वयं अशोक दि्वेदी चूली है। पिछले चार साल में इन तीनों कंपनियों ने करीब एक करोड़ रुपए का कारोबार किया है।

सरकारी शिक्षक कैसे बन गया मास्टरमाइंड खिलाड़ी?
अवैध उत्खनन और परिवहन जैसे माफिया के हाई प्रोफाइल खेल में एक सरकारी शिक्षक की महती भूमिका उजागर हुई है। ग्राम बतखर निवासी मनोज अगिनहोत्री राजगुरु की पुस्तैनी जमीन पर सुनियोजित सह खातेदार बनने वाले कृष्ण दत्त चतुर्वेदी और उनकी पत्नी दुघटिया चतुर्वेदी का दामाद सरकारी स्कूल बतखर में बतौर शिक्षक पदस्थ है। शिक्षक नंद किशोर पाण्डेय अबेर की दस एकड़ जमीन पर अवैध उत्खनन करवाते हुए उम्दा एलयुमुना बेस लेटेराइट सतना बिरला सीमेंट को 1025/ रुपए टन के हिसाब से बेंच दिया है। चतुर्वेदी परिवार के दामाद नंद किशोर पाण्डेय को लेटेराइट, बॉक्साइट का मास्टरमाइंड बताया जाता है। शारदा शुक्ला, संदीप सिंह परिहार सिजहटा, उमेश दि्वेदी, सुशील दि्वेदी गुड्डा के साथ मिलकर विटमा, चितगढ, करही, निमहा में अवैध उत्खनन और परिवहन को अंजाम देकर शासन को बराबर कंगाल किया है।

शराब माफिया के साथ मजबूत हुआ अशोक का नेटवर्क
बहुत ही कम समय में ग्राम चूली निवासी अशोक दि्वेदी मास्टरमाइंड के रुप में विख्यात हो गया। सतना जिले में शराब माफिया के रुप में मशहूर विक्रम सिंह उर्फ पिंटू सिंह के साथ मिलकर दोनों ने प्रिज्म जानसन सीमेंट मनकहरी को 20 हजार टन लाइम स्टोन एक करोड़ 40 लाख रुपए में बेंच डाला। रीवा निवासी और तहसीलदार के भाई विवेक मिश्रा के साथ मिलकर दोनों खनन माफिया ने अबेर में 20 एकड़ की खदान प्रायोजित दस्तावेजों के माध्यम से हासिल कर डाली। इस माइंस को हासिल करने के लिए पूर्व नगर निगम अध्यक्ष सतना सुधीर सिंह तोमर सहित बीस अन्य लोगों ने खदान के लिए आवेदन किया था। रद्दी पत्थर बताकर उम्दा लाइम स्टोन चूना पत्थर का खेल 10 एकड़ जमीन पर किया। इसके बाद उक्त जमीन 40 लाख रुपए में रावेंद्र पटवारी को बेंच दी गई। जबकि शेष 10 एकड़ जमीन पर शिक्षक नंद किशोर पाण्डेय ने अवैध उत्खनन करवाकर बिरला प्लांट भरौली मैहर को 1025 रुपए टन के हिसाब से लाइम स्टोन बेंच दिया। कुल मिलाकर खनिज संपदा के इस खेल में अशोक दि्वेदी चूली, विमलेश सिंह तिवारी खमहरिया, शारदा शुक्ला, संदीप सिंह परिहार, उमेश दि्वेदी, सुशील दि्वेदी गुड्डा, गोलू गौतम, विपिन तिवारी की भूमिका कहीं न कहीं स्वमेव जगजाहिर है।

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