मां और भाई ने सगे संबंधियों के साथ मिलकर की थी बेटी की हत्या

रिश्ते को तार-तार करने वाला मामला आया सामने।
राजनीतिक ड्रामे के बाद एसआईटी की टीम कर रही थी, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन।
डिंडौरी दर्पण ब्यूरो। जिले के शाहपुर थाना के मुड़िया खुर्द गांव में बीते दिनों हुई 19 वर्षीय छात्रा जौहरी ठाकुर की हत्या मामले में पुलिस ने रविवार को चार परिजनों सहित कुल 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए शाहपुर पुलिस ने बताया कि लड़की की हत्या में मां,जीजा और भाई भी शामिल थे। उन्होंने पहले गला दबाकर लड़की की हत्या कर दी और फिर लाश को घर के नजदीक की बाड़ी में फेंक दिया। छात्रा का शव 26 सितंबर की सुबह मिली थी और 28 सितंबर को पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 302 व 201 के तहत मामला भी दर्ज किया था।मामले में नया मोड़ आ गया और रिश्ते को तार-तार कर देने वाला खुलासा पुलिस ने किया है। खुलासे के बाद स्थानीय ग्रामीण भी अचंभित और आश्चर्यचकित है।
दो दिनों तक चलता रहा राजनीतिक ड्रामा। घटना के बाद 04 अक्टूबर को परिजनों ने प्रपंच रचते हुए एवं खुद को निर्दोष साबित करने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी का सहयोग मांगा और गांधी चौक पर झूठा धरना प्रदर्शन किया।12वीं की छात्रा की हत्या और पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ गांधी चौक में धरने पर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने परिजनों के साथ गांधी चौक पर दो दिनों तक धरना प्रदर्शन का राजनीतिक ड्रामा चलता रहा।इसके ठीक एक दिन पहले 03 अक्टूबर को डिंडौरी एसपी संजय कुमार सिंह ने हत्या की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था, जिससे हत्या का स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के द्वारा किया गया। जहां कुछ ही दिनों में हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने परिजनों सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
हत्या पर परिजन पर्दा डालने की कर रहे थे कोशिश।
पुलिस ने जांच में यह भी पाया कि हत्यारे परिजनाें ने मामले पर पर्दा डालने का प्रयास भी किया। यहां तक कि न्याय मांगने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ मिलकर धरने पर भी बैठे थे। खुलासा होने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष भी हैरत में पड़ गए, उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अच्छी नीयत से परिजनों का साथ दिया था। पुलिस जांच के अनुसार परिवार के लोग ही हत्यारे हैं। निश्चित तौर पर उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हत्याकांड का खुलासा होने के बाद एसपी संजय सिंह ने SIT की टीम सहित डिंडौरी पुलिस के सभी कर्मी को बधाई दी हैं।
- लड़की की हरकतों से नाराज थे परिजन।
आरोपियों के मुताबिक परिजन मृतका जौहरी की हरकतों से नाराज थे। 25 सितंबर की रात मृतका और परिजनों में जमकर कहासुनी भी हुई। तभी जौहरी के भाई जवाहर के कहने पर दांडी भानपुर निवासी जीजा नारायण व दो सहयोगियों के साथ गांव पहुंचा और मृतका की मां,चाचा और चचेरे भाई के साथ जौहरी के गले में दुपट्टा फंसाकर उसे मार डाला। नारायण और सहयोगी रात में ही वापस लौट गए। परिजनों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए 28 सितंबर को शाहपुर थाने में झूठी रिपोर्ट भी लिखवाई थी, लेकिन अब हत्याकांड का खुलासा हो जाने के बाद स्थानीय लोग भी आश्चर्य व अचंभित हैं, रिश्तो को तार-तार करने वाला हत्याकांड से स्थानीय लोग सहमे हुए हैं।



