जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

पिता को है बेटे के लिए न्याय का इंतजार।

पिता को है बेटे के लिए न्याय का इंतजार।
पुलिस की नजर में मामला सड़क दुर्घटना का है।
जबलपुर। सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार श्यामसुंदर चौबे के इकलौते पुत्र और एक्सिस बैंक नरसिंहपुर में कार्यरत, स्वर्गीय आशुतोष चौबे की मृत्यु, उनके परिवार और परिजनों की नजर में एक हत्या है। जिसे सुनियोजित तरीके से उनकी पत्नी के द्वारा अंजाम दिया गया। इस बात को लेकर वो पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से लेकर नेताओं और सामाजिक संगठनों तक भी अपनी बात रख चुके हैं। यहां तक कि माननीय न्यायालय में भी उन्होंने परिवाद दायर कर रखा है। लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्रत्याशित परिणाम नहीं मिल रहे हैं।
गौरतलब है कि विगत मई 2020 में जिस दिन आशुतोष चौबे की बच्ची के चौक का कार्यक्रम था। उस दिन वह नरसिंहपुर से जबलपुर की तरफ लौट रहे थे, और रास्ते में एक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु की दुखद सूचना, उनके पिता को मिली। सूचना पाकर जैसे ही घटनास्थल पर श्यामसुंदर चौबे पहुंचे। तो उन्हें उनके पुत्र को देखने भी नहीं दिया गया। कोविड-19 के नियमों का हवाला देते हुए, सुबह आने की बात की गई। दूसरे दिन सुबह उन्हें सुबह इस बात की जानकारी दी गई। कि उनके पुत्र की मृत्यु हो चुकी है।
इसके बाद उनके पुत्र की तेरहवीं के दिन, श्यामसुंदर चौबे के घर पर उनकी बहू के मायके वालों के द्वारा हंगामा किया गया। मायके वालों ने बहू को अपने साथ ले जाना उचित समझा। बहू अपने सामान के साथ वापस मायके चली गई। श्यामसुंदर चौबे जी के अनुसार जाते-जाते उनकी बहू, अपने सामान के साथ, उनके घर से सोने चांदी के,वो जेवरात भी ले गई, जो उसके नहीं थे। इस घटनाक्रम की शिकायत तत्काल गोहलपुर थाने में की गई और इससे संबंधित मामला वर्तमान समय में न्यायालय में लंबित है। आशुतोष की मृत्यु के संदेह की शुरुआत, उसके मोबाइल का डाटा सामने आने पर हुई। श्यामसुंदर चौबे का कहना है कि, उनके बेटे का मोबाइल खुलते ही बेटे और बहू के बीच की व्हाट्सएप चैट, मृत्यु से ठीक पहले बेटे का पुलिस के डायल हंड्रेड नंबर पर कॉल करना। बहू के अन्यत्र लोगों के साथ फोटोग्राफ और टिक टॉक वीडियो को देखकर। उन्हें इस बात का संदेह हुआ, की उनके बेटे की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई है।

पुलिस की जांच पर उठे रहे हैं सवाल।

श्यामसुंदर चौबे, पुलिस के द्वारा इस मामले की की जा रही जांच पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं और उन्हें इस जांच से संतुष्टि नहीं हैं।
यह कहा गया कि पुलिस ने सड़क दुर्घटना में मारे गए,आशुतोष चौबे के ऊपर ही, धारा 304 A के तहत मामला बनाया। फिर इस मामले को बंद कर दिया और अपनी खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी।
इसके बाद अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने, दोबारा दोनों पक्षों के लोगों के कथन दर्ज किए।

इस मामले में वर्तमान जांच अधिकारी और स्टेशन गंज नरसिंहपुर के थाना प्रभारी अमित दांगी से, जब मीडिया ने बात की। तो उन्होंने इस मामले की विस्तार से जानकारी दी। उनका कहना है कि “मृतक आशुतोष चौबे को शराब पीने की आदत थी। जिस दौरान एक्सीडेंट हुआ, वह शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे। इस दुर्घटना के कुछ समय पहले, वह मारुति शोरूम भी गए थे। वहां के सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद ऐसा लगता है। कि वो शराब के नशे में थे। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 नियमों के अंतर्गत मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शराब की पुष्टि नहीं हुई है।
मारुति शोरूम पर उनका शोरूम कर्मचारियों से विवाद हुआ और उन्होंने डायल हंड्रेड को फोन किया। इसके बाद में वहां से जबलपुर के लिए रवाना हुए और सड़क अपनी कार गलत साइड से चलाते हुए जा रहे थे। सामने से आती हुई, एक कार ने उन्हें टक्कर मारी और इस टक्कर के चलते उनकी मृत्यु हुई।
क्योंकि इस मामले में गलती मृतक की थी। इसलिए उसके ऊपर गलत तरीके से गाड़ी चलाने का मामला बनाया गया। क्योंकि आरोपी की मृत्यु हो गई थी। इसलिए इस मामले में खात्मा लगा दिया गया।
जिस पक्ष का एकलौता पुत्र इस दुर्घटना में मारा गया था। इसलिए उनका विचलित होना स्वाभाविक है। उनके द्वारा मृतक के मोबाइल के माध्यम से जो जानकारी दी गई। उसमें ऐसी कोई ठोस बात सामने नहीं आई, जिसके आधार पर हत्या का मामला बनता हो।”
अमित दांगी
थाना प्रभारी,थाना स्टेशन गंज
जिला नरसिंहपुर।

मेरे पुत्र की दुर्घटना में मृत्यु नहीं हुई है बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत उनकी हत्या की गई है और मैं चाहता हूं कि इस मामले की निष्पक्ष न्याय पूर्वक जांच हो और मुझे न्याय मिले।

श्यामसुंदर चौबे, सेवानिवृत्त सूबेदार, भारतीय सेना,
पिता स्व.आषुतोश चौबे

आशुतोष चौबे की मृत्यु हत्या है या दुर्घटना। परिजनों की नजर में तो यह सवाल अब भी बना हुआ है। पुलिस अपनी जांच में इस बात को स्पष्ट कर चुकी है कि, यह एक सड़क दुर्घटना है।
इस मामले का अंतिम निर्णय तो न्यायालय करेगा। लेकिन माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा, उनका इकलौता बेटा। एक बच्ची का पिता और नव विवाहिता का पति अब इस दुनिया में नहीं रहा।

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