धर्म की शरण में रहनेवाले के सभी कार्य होते है निर्विघ्न संपन्न : नरसिंह दास महाराज

जबलपुर दर्पण। धर्म की शरण में रहनेवाले के भूत भविष्य और वर्तमान के सभी कार्य निर्विघ्न संपन्न होते हैं। कलिकाल में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण, सत्संग करने मात्र से पाप का क्षय हो जाता है । स्वंय की संपूर्ण प्रसन्नता के लिए हरिनाम संकीर्तन करना चाहिए। उक्त उद्गार नरसिंह पीठाधीश्वर डा नरसिंह दास महाराज ने गीता धाम में कहे। पूज्य गुरुदेव श्री नरसिंह पीठाधीश्वर जगतगुरु डॉ स्वामी श्यामदेवाचार्य जी महाराज के पावन सूक्ष्म सानिध्य में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन कथा व्यास परम पूज्य श्री नृसिंह पीठाधीश्वर डॉ.स्वामी नृसिंहदास जी महाराज के पावन सानिध्य मे व्दितीय दिवस की कथा संपन्न हुई इस अवसर पर स्वामी हनुमान दास महाराज, स्वामी बालकदास, आचार्य अनूप देव महाराज, श्याम साहनी, जीवन आनंद, विध्येश भापकर, संत एवं भक्तों की उपस्थिति रही है ।



