मेडिकल में पास होने के बाद भी है नौकरी का इंतजार।

दो सालों से रेल विभाग चला रहा है आश्वासन का झूला।
जबलपुर। बेरोजगारों पर दोहरी मार पड़ती है। जब किसी विभाग द्वारा उन्हें दस्तावेजों की जांच के बाद चिकित्सीय परीक्षण में भी पास करने के बाद भी प्रतीक्षा सूची में डाल दिया जाता है। लेकिन नियुक्ति नहीं दी जाती है। ऐसे में बेरोजगार किसी दूसरे व्यवसाय की तैयारी भी नहीं कर सकते। कुछ ऐसा ही इंतजार कर रहे हैं वह 50 अभ्यर्थी जिन्होंने साल 2018 में विज्ञापन क्रमांक सीईएन01/2018 मैं एएलपी 1110 और टेक्निकल के 1837 पदों के लिए आवेदन दिए थे। 3 चरणों में संपन्न हुई इस परीक्षा में तकरीबन डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को दस्तावेज के सत्यापन और मेडिकल परीक्षण के लिए चयनित किया गया था। मेडिकल परीक्षण के उपरांत कुल विज्ञापित पदों का पैनल जारी किया था। शेष बचे हुए मेडिकल परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा था। किंतु वे अब तक प्रतीक्षा सूची में ही है और बुलावे पत्र का इंतजार कर रहे हैं। अलग-अलग भर्ती बोर्ड के कट ऑफ मार्क्स में काफी अंतर देखा गया है। कहीं का भी कम न होने पर भी अभ्यर्थियों का चयन हो गया है और कहीं पर ज्यादा नंबर आने के बाद अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची में रह गए हैं।
अपनी मांगों को लेकर प्रतीक्षा सूची में इंतजार कर रहे, करीब 50 अभ्यर्थियों ने पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक महोदय से कुछ मांगे की हैं। जिनके अनुसार खाली पदों पर प्रतीक्षा सूची में बैठे अभ्यर्थियों को मौका दिया। जाए दिसंबर 2020 तक के पदों को भी उपरोक्त विज्ञापन में इंक्लूड किया जाए और उन्हें बढ़ाकर 2021 तक के खाली पदों में भी इंक्लूड करने की कृपा करें। ताकि इन तमाम अभ्यर्थियों को 2021 तक के खाली पदों में नियुक्ति दी जा सके। मुख्य सूची में जो भी अभ्यर्थी अनुपस्थित हैं उनकी जगह रिप्लेसमेंट पैनल देकर प्रतीक्षा सूची को समाप्त किया जाए और अगर कोई मुख्य सूची का व्यक्ति बीच में प्रशिक्षण छोड़कर चला जाए तो उस सीट को भी प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों से भरा जाना चाहिए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की होती हैं उनमें भी इसी सूची के अभ्यर्थियों को मौका मिलना चाहिए। अगर दिसंबर 2020 तक आवश्यकता अनुसार नए पद बनते हैं तो उन पर भी प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को लिया जाना चाहिए। यदि किसी की सीट खाली हो और कैंडिडेट ना मिले तो उसे जनरल केटेगरी से भरा जाना चाहिए। ऐसी अन्य मांगों को लेकर महाप्रबंधक कार्यालय के सामने सभी युवा इकट्ठा हुए और उन्होंने अपनी मांगे अधिकारियों के समक्ष रखी। गौर करने लायक बात यह है कि इस संबंध में अपनी मांगों को लेकर उन्होंने दिल्ली के कार्यालय में भी गुहार लगाई है।
इस अवसर पर कृष्ण कुमार, योगेश अवस्थी, रोहित केसरवानी, महेश पवार, राहुल, नीलेश, कल्पेश, अमित, प्रवीण, हरीश और सभी प्रतीक्षा सूची में मौजूद अभ्यर्थी उपस्थित थे।



