ग्रामीण महिलाओं को दिया गया रोजगार।

जबलपुर इनरव्हील क्लब मिटाउन नेक्स्ट द्वारा प्रायोजित।
जबलपुर। कोरोना कॉल में जहां, एक ओर, बड़े बड़े संस्थानों के कर्मचारियों के लिए रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
बड़े-बड़े संस्थान अपने यहां से कर्मचारियों की छंटनी केवल इसलिए कर रहे हैं। क्योंकि वे उतने कर्मचारियों की सैलरी का बोझ नहीं उठा सकते। अर्थव्यवस्था की हालत बहुत खराब है, इन विषम आर्थिक परिस्थितियों में, यदि कोई ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ऐसा रोजगार दे जो वो आराम से बैठकर भी कर सकती हैं। तो उनके लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है।
ऐसा ही एक बीड़ा उठाया है, जबलपुर इनरव्हील क्लब मिड टाउन नेक्स्ट की ओर से।
महाराजपुर बाईपास के ग्राम चांटी में स्थित क्वालिटी पब्लिक स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में, ग्रामीण महिलाओं को मक्के के दाने निकाल कर पुन पैक करने का काम दिया गया।
क्लब की ओर से महिलाओं को मक्के की 6 बड़े बैग दिए गए और उन्होंने इन से मक्के के दानों को निकालकर क्लब द्वारा दिए गए पेकेजिंग बैग में पैक कर दिया। आगे चलकर इन कार्न पैकेट्स को बाजार में बिक्री को क्लब प्रोत्साहित करेगा। और उससे होने वाली आय एक रोजगार का साधन बनेगी।
क्लब के प्रेजिडेंट डॉ सीमा मेहरोत्रा ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं के लिए यह अच्छा अवसर है। इस तरह मक्के के दानों को पैक कर बाजार में इन्हें बेचा जाता है। यह रोजगार का एक अच्छा विकल्प है। जहां आसानी से बैठे बैठे ही मक्के के मीठे दानों को पैक किया जाता है। क्लब की सचिव डॉ अबोली पांसे ने कहां की ये ग्राम ग्रामीण महिलाओं के लिए विशेष रूप से शुरू किया गया है। ताकि उनके लिए एक रोजगार पैदा हो सके अभी हमने 6 महिलाओं से शुरुआत की है। मक्के के दानों को निकालकर इनरव्हील क्लब के प्रिंट वाले पैकेट में ही इन दानों को पैक किया जाता है।
इस प्रोजेक्ट ही ऑर्गेनाइजर श्रीमती लतिका केशवानी ने कहा कि इस तरह के अनेकों प्रोग्राम क्लब के माध्यम से चलाए जाएंगे। ताकि जरूरतमंद लोगों तक काम पहुंचाया जा सके। ग्रामीण महिलाओं को इस काम के जरिए सम्मान से जीने का एक अवसर मिल रहा है।



