हाई प्रोफाइल हनीट्रैप कांड बना शिवराज सरकार में सिर दर्द

अरविंद कुमार द्विवेदी भोपाल l सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों निर्देश दिया था कि जो महिलाएं 7 साल की कम सजा की दोषी हैं, उन्हें कोरोना वायरस को देखते हुए पैरोल पर जमानत दे दी जाए, इसी मामले में शिवराज सरकार के लिए सिरदर्द बनी हनीट्रैप कि आरोपी अर्थ दयाल की जमानत याचिका भोपाल के न्यायालय पहुंची l याचिका ईमेल के माध्यम से भेजी गई न्यायालय ने याचिका को सिरे से खारिज कर दिया l आरती दयाल मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप केस में मुख्य आरोपी है, जिसके चलते उसका केस सीआईडी भोपाल में दर्ज हुआ था l इस मामले का ट्रायल भोपाल कोर्ट में चल रहा है, परंतु इस धारा के तहत लगभग 10 साल की सजा है, इसको देखते हुए आरती दयाल की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है l अभी वह हनीट्रैप की अन्य आरोपियों के साथ इंदौर के सेंट्रल जेल में बंद है और लगातार विभिन्न न्यायालयों में जमानत के प्रयास में लगी हुई हैं l सभी के विरुद्ध इंदौर में पृथक से आपराधिक प्रकरण दर्ज है l हनीट्रैप कांड में शिवराज सरकार के रसूखदार मंत्रियों का नाम आने से सरकार में भय बना है l बुंदेलखंड के एक कद्दावर मंत्री के भोपाल स्थित में निवास में ड्रामा चलता रहा l बता दें कि इंदौर के सेंट्रल जेल से ईमेल के माध्यम से जमानत के लिए आरती दयाल ने अर्जी लगाई थी l जिसमें कोरोना वायरस और सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया गया था कि कोर्ट के निर्देश अनुसार जो पैरोल पर जमानत देने का प्रावधान किया गया उसके तहत जमानत दी जाए l जमानत की अर्जी न्यायाधीश भरत व्यास के कोर्ट पहुंची, जिसे निरस्त कर दिया गया जो धाराएं आरती दयाल के ऊपर लगाई गई हैं l उन धाराओं में सजा 10 साल की है, जिसके चलते उन्हें जमानत नहीं नहीं दी गई है l फिलहाल ऊंट द्वारा जमानत निरस्त कर दी गई l मालूम हो कि आरती दयाल लोगों को हनीट्रैप में फंसा कर ब्लैकमेल करने का काम करती थी l वही अब हनीट्रैप मामले में ट्रायल की सुनवाई लगातार जारी है l



