दमोह दर्पणमध्य प्रदेश

होम आईसोलेशन की सुविधा जिले में प्रारंभ

डिस्ट्रिक्ट कोविड कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर में आयोजित बैठक में दिये गये अहम दिशा निर्देश

जबलपुर दर्पण दमोह ब्यूरो

होम आईसोलेशन की सुविधा को जिले में शुरू कर दिया गया है। इसे और सुदृढ़ करने के संबंध में कलेक्टर तरूण राठी ने डिस्ट्रिक्ट कोविड कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर में आयोजित बैठक में कहा होम आईसोलेट को बढ़ावा दिया जायें। आगामी रविवार से इसका प्रतिशत और बढ़ाया जायें। श्री राठी होम आईसोलेशन के संबंध में जिला आयुर्वेद कार्यालय में स्थापित सेन्टर में जिला नोडल और सेंटर के चिकित्सकों और कर्मचारियों की आयोजित बैठक में दिशा निर्देश दे रहे थे। इस अवसर पर मुख्यं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुलसा ठाकुर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. आई के कुर्मी विशेष रूप से मौजूद रहे। कलेक्टर तरूण राठी ने कहा होम आईसोलेट मरीजों के पास पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कंट्रोल रूम में तैनात डॉक्टर मरीजों से दिन में दो बार फोन कर उनका स्वास्थ्य संबंधी जानकारी वीडियों कॉल के माध्यम से लेंगे और तापमान, पल्स ऑक्सीमीटर स्क्रीन में इसके परिणाम भी देंखेंगे। श्री राठी ने कहा यह केन्द्र 24 घण्टे कार्यरत रहेगा, साथ ही सेन्टर में 24 घण्टे एम्बुलेंस की सुविधा रहेगी, सुनिश्चित किया जायें। श्री राठी ने स्पष्ट किया कि मरीज से कॉल करने पर संपर्क ना होने की स्थिति में आरटी टीम जाकर मरीज को देखेगी। उन्होंने कहा सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सजग होकर कार्य करें। कलेक्टर श्री राठी ने कहा ब्लाक लेवल में भी यह व्यवस्था शुरू करनी है, के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा किसी तरह की समस्या हो स्पष्ट रूप से बताया जायें। बैठक के दौरान नोडल अधिकारी डॉ. के.के. अठ्या को दिशा निर्देश देते हुए तदानुसार कार्यवाही के लिए कहा गया। श्री राठी ने कहा वे भी प्रतिदिन कुछ मरीजों से चर्चा करेंगे, वर्तमान में इस सेंटर में तीन टीम में कार्यरत हैं, आवश्यक होने पर टीम के संख्या को बढ़ाने की बात भी कही गई। बढ़ते मरीजों को देखते हुए शहरी मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू सरकार के निर्देश पर अब दमोह जिले में भी होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू हो गई है। यानि अब अपने ही घर में रहकर एक सुरक्षित और पृथक कमरे में संक्रमित व्यक्ति अपनी देखरेख कर पाएगा। मरीज के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर डिस्ट्रिक कोविड कंट्रोल कमाण्ड सेंटर बनाया गया है। जहां बैठे चिकित्सक वीडियो कॉल के माध्यम से दिन में दो बार मरीज से रूबरू होंगे। इस दौरान मरीज का ऑक्सीजन लेबिल और शरीर का तापमान जांचा जाएगा। जिले में शुरू हुई होम आइसोलेशन की सुविधा से फिलहाल 17 मरीज जुड़ चुके हैं। जिन्हें घर में ही रखकर उनका इलाज किया जा रहा है। इन शर्तों पर ही मिलेगी होम आइसोलेशन की सुविधा होम आइसोलेशन के लिए सभी मरीज पात्र नहीं होंगे। होम आइसोलेशन की सुविधा सिर्फ उन मरीजों को मिलेगी जो शहरी क्षेत्रों से हैं। जिनके पास घर पर ही अटैच टॉययलेट सहित एक पृथक हवा और रोशनीयुक्त कमरा मौजूद है। ऐसे मरीज जिनकी आयु 60 साल से कम है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं जैसे बीपी, डायबिटीज, हृदय, किडनी आदि से जुड़े रोग नहीं है। होम आइसोलेट कर रहे मरीजों को अलग कमरे में रहना होगा। उनके खाने के बर्तन एवं कपड़े भी अलग होंगे जिसे वह स्वयं इस्तेमाल कर धोएगा। मरीज के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए उसे एक कोविड किट भी दी जाएगी जिसमें दवाएं और निर्देश होंगे। इसके साथ ही मरीज को अपना ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर रखना होगा। प्रतिदिन दिन में दो बार जब डॉक्टर उनसे बात करेंगे तब वे वीडियो कॉल पर ही अपना ऑक्सीजन लेबिल और तापमान चैक कराएंगे। लक्षण मिलते ही या संदेह होते ही तुरंत जांच कराएं। ये लक्षण इस प्रकार हैं- सर्दी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, स्वाद और गंध का चला जाना, कई बार कोई लक्षण नहीं मिलता, शरीर का ऑक्सीजन लेबिल जांचते रहें और संदेह होने पर कम से कम 5 दिन आइसोलेट हो जाएं। 5 दिन तक आइसोलेट होने पर 90 फीसदी लोग इसके कैरियर नहीं रह जाते।

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