जिला चिकित्सालय में गुंडा राज

पत्रकार के ऊपर जानलेवा हमला अस्पताल प्रशासन मौन
राजकुमार ठाकुर सिवनी एमपी संवाददाता की रिपोर्टः
सिवनी दुनिया में डॉक्टरों को दूसरे भगवान का दर्जा मिला है क्योंकि डॉक्टर मरीजों की जान बचाता है और नई जिंदगी देने मे डॉक्टर की अहम भुमिका होती है जिसका उदाहरण देश में करोना जैसी महामारी में पूरा देश में डॉक्टरों ने जो योगदान दिया है वह योगदान से आज देश में महत्वपूर्ण योगदान डॉक्टरों को ही माना जा रहा है लेकिन सिवनी जिले के जिला चिकित्सालय में आए दिन विवाद मारपीट जैसी घटना देखने और सुनने को मिल रही है लेकिन अगर डॉक्टर ही गुंडागर्दी जैसी हरकत करे तो डॉक्टर को भगवान नहीं शैतान का दर्जा दिया जाना चाहिए जिसका उदाहरण कल रात्रि 8:00 बजे मरीज और उनके परिजनों के साथ ओपीडी कक्ष में अभद्रता करते हुए मरीजों के साथ मारपीट जैसी घटना देखने और सुनने को मिली वही जब इस पूरे मामले की जानकारी पत्रकार को मिली तो तत्काल जिला चिकित्सालय में पहुंचकर घटना के बारे में जानकारी ली लेकिन नशे की हालत में डॉ प्रवीण सिंह ठाकुर और एमबुलेनस चालक विजय डेहरिया द्वारा पत्रकार के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसी शब्दों का प्रयोग करते हुए मोबाइल छुड़ाकर मोबाइल को तोड़ कर पत्रकार के साथ मारपीट की गई साथ ही झूठे मामले में फंसाने की धमकी देते हुए गुंडा गर्दी करते हुए मरीजों का इलाज करने की वजह उनके साथ मारपीट जैसी घटना का अंजाम देते हुए इस तरह की घटना जिला चिकित्सालय मेआये दिन देखने और सुनने को मिल रही है और ऐसी घटना को लेकर जिला प्रशासन एवं जिला चिकित्सालय के अधिकारियों द्वारा कार्यवाही ना करना कहीं ना कहीं ऐसे डॉक्टरों को बचाने का प्रयास करते नजर आ रही है जिससे ऐसे डॉक्टरों को हौसला बुलंद हो रहा और आज मरीजों के साथ मारपीट जैसी घटना सामने आ रही हैं अगर ऐसे नशे करने वाले डॉक्टरों को छूट मिलती रही तो -एक दिन बड़ी घटना का अंजाम देखने और सुनने को मिलेगा अगर ऐसे डॉक्टरों के ऊपर प्रशासन कार्यवाही नहीं करता तो ऐसे मरीज जिला अस्पताल आने से परहेज करेंगे।
एंबुलेंस के ड्राइवर के साथ डॉक्टर करते हैं शराब खोरी
वही आश्चर्य इस बात का है कि डॉक्टरों जैसे जोकि ड्यूटी के दौरान एंबुलेंस के ड्राइवर के साथ नशाखोरी करते हुए रात्रि 8:00 बजे के बाद विगत कई दिनों से मरीजों के साथ अभद्रता करते हुए उनके साथ मारपीट करते हैं साथ ही मरीजों को परेशान करते हैं इस घटना से मरीजों में खोफ बैठा हुआ है इसके बाद भी जिला प्रशासन ऐसे गंभीर मामले में संज्ञान नहीं ले रहा है।
डॉ प्रवीण ठाकुर कई बार नशे की हालत दे चुके हैं बड़ी घटना का अंजाम
वही ऐसी घटना जिला चिकित्सालय में पहली बार नहीं बल्कि इसके पहले भी डॉ प्रवीण ठाकुर की हरकत के चलते कुछ मरीजों की जान भी जा चुकी है साथ ही आज जिला चिकित्सालय में ड्यूटी के दौरान नशे की हालत जैसी शिकायत भी मरीजों के परिजन द्वारा उच्च अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है इसके बावजूद कारवाई ना होना कहीं ना कहीं जिला चिकित्सालय अधिकारी संदेह के घेरे में नजर आ रहे हैं वही चिकित्सालय के छोटे स्तर के कर्मचारी भी इनकी हरकतों से परेशान है फिर भी ऐसे डॉक्टरों को ऊपर से संरक्षण मिलना कहीं ना कहीं जिला चिकित्सालय को बदनाम करने और डॉक्टरों के ऊपर नशे जैसे आरोप लगना डॉक्टरों के लिए बड़ी शर्म की बात है वहीं ऐसे डॉक्टर के चलते सभी डॉक्टर की छवि धू मिल हो रही हैंअब देखना यह है कि प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।



