जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

गुरुनानक देव एवँ महर्षि सुदर्शन जयंती पर विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का किया आयोजन

उन्होंने महर्षि सुदर्शन जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए बताया महाभारत काल मे पांडवों के अहंकार को तोड़ते हुए
उन्होंने कहा भारत वर्ष की विभूतियों की जन्मजयंती पर समरसता के भाव से सभी को जोड़ने के भाव से समरसता सेवा संगठन बहुत ही अच्छा कार्य कर रहा है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि करतार सिंह बठिजा ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा आज ऐसे हम ऐसे गुरुओं को नमन करने एकत्र हुए है जिन्होंने समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए धरती पर अवतरण लिया था एक महर्षि सुदर्शन जी थे जिन्होंने भक्ति मार्ग पर चलते हुए समाज को संदेश दिया और एक पहली पातशाही गुरुनानक देव जी जिन्होंने एक ओंकार अर्थात ईश्वर एक है का मंत्र दिया आज समरसता सेवा के इस मंच पर गुरुनानक देव जी का दिया हुआ मंत्र सच्चे अर्थों में साकार हो रहा है और यह संगठन अपने कार्यक्रमों के माध्यम से लोगो को जोड़ने के लिए कार्य कर रहा है यही बात हमारे गुरुनानक देव जी ने कही थी।

उन्होंने जहाँ जबलपुर पुण्य भूमि है और हम बड़े सौभाग्य शाली है जो यहाँ दो बार गुरुनानक देव जी के चरण पड़े एक बार मड़ाताल स्थित गुरुद्वारा में और ग्वारीघाट में गुरुनानक जी अपनी मित्र मंडली के साथ रह जहाँ गुरुद्वारा का निर्माण कराया गया।

कार्यक्रम में प्रो. सरदूल सिंह संधू ने विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा वाहेगुरु का नाम में ही देवता समाहित है जिन्होंने समरसता का संदेश समाज में दिया है भगवान शिव भी नारी आदिशक्ति में सम्मिलित होकर अर्धनारीश्वर के रूप में सबका कल्याण करते हैं जिनका संदेश है कि दोनो से सृष्टि का संचालन है गुरुनानक देव जी के प्रकाशपर्व की पूर्व संध्या पर समरसता का यह अनूठा कार्यक्रम समाज को एक दिशा में काम करने की प्रेरणा देता है।

समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि एक परमात्मा का अंश सबमें विराजमान है एवं जब परमात्मा सबमें है तो सभी एक समान हैं जितने भी संतों ने समाज को जो दर्शन दिया वो विश्व कल्याण के लिए दिया है जिसमे सब समान है एवं समरसता का यह भाव नया नहीं है बल्कि अनादि काल से चला आ रहा है जिसमे भगवान श्री राम का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है जिसमे प्रभु, माता साबरी के झूठे बेर खा रहे हैं। समरसता सेवा संगठन का प्रमुख उद्देश्य यही है कि सब सबको जाने सब सबको माने ताकि मानव एक साथ विश्वकल्याण हेतु आगे बढ़ सके।

कार्यक्रम की प्रस्तावना सचिव उज्ज्वल पचौरी ने रखी। संगठन वक्ता के रूप में कवि श्री आलोक पाठक ने अपने विचार व्यक्त किये।कार्यक्रम का संचालन श्री धीरज अग्रवाल एवँ आभार ने व्यक्त किया।

सम्मान – कार्यक्रम के दूसरे चरण में समाजसेवी सरदार मंजीत सिंह, अजय अर्खेल, राजेंद्र सिंह छाबड़ा, जगदीश चौहटेल, हरदेव सिंह प्रधान,भारत बेरिया, साहब सरदार हरिंदर सिंह प्रधान, सुरेंद्र लखेरा, सरदार गुलजीत साहनी जी, डॉ हेमंत करसा, सरदार हरजीत सिंह, जगदीश नन्हेक, सरदार प्रताप सिंह, भारत बिरहा, सरदार कुलदीप सिंह बंसल, राजेश मार्वेकर, सरदार आरएस चंडोक, सरदार सरदूल सिंह संधू, सरदार दविंदर सिंह ग्रोवर, सरदार रणजीत सिंह जी, सरदार अवतारसिंह बांगा, सरदार सतवंत सिंह जस्सल, इंद्रमोहन भाटिया, इंद्र कुमार तामिया, जागेश समुंद्रे, हेमंत मलिक, अविनाश चमकेल, एड मतेल, एड मुकेश बिरहा, अशोक कटारे का सम्मान किया गया। इस अवसर पर रत्नेश मिश्रा, शैलेश लोधी, सहेंद्र श्रीवास्तव, अशोक कटारे, शंकर चौदहा, नरेश नामदेव, राजेश साहू, श्याम सिंह ठाकुर, सोनू बचवानी, कौशल सूरी, काके आनंद, प्रमोद चोहटेल, अखिलेश राजपूत नितिन अग्रवाल, अनिल जैन, दीपक तिवारी, विष्णु अग्रवाल आदि बड़ी संख्या सामाजिक जन उपस्थित थे।

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