प्रदेश में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर।

मंदिर बंद लेकिन शराब की दुकानें खुली: टीकाराम कोस्टा
जबलपुर।मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने शिवराज सरकार और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना महामारी के नियंत्रण को लेकर शिवराज सरकार से सवाल किया कि अब वो लोग कहा छुपकर बैठ गए जो कहते थे कि शिवराज सिंह और नरेन्द्र मोदी की सूझबूझ से कोविड की बीमारी भारत में असर नहीं करेगी। लेकिन स्थिति अब नियंत्रण से बाहर हो रही है दस लाख से अधिक मरीज हो गए है। इंदौर और अन्य शहर में लगातार कोरोना संक्रमित बढ़ते जा रहे है जिसकी वजह से एक बार फिर लॉक डाउन की स्थिति बन रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि लॉकडाउन के चलते बेरोजगारी सिर चढ़कर बोल रही है, लोगों को खाने पीने की परेशानी घर परिवार में आ रही है। इसका असर यह हो रहा है कि लूट और चोरीयाँ होने लगी है, आत्महत्याएं होने लगी है। कोष्टा ने कहा कि मंदिर में जाना मना है, स्कूल बंद है, कालेज बंद है, लाकडाउन के दौरान गरीबों के चाय पान के टपरे बंद रहेंगे । किंतु शराब की दुकानें खुल सकती हैं।शहरों में बाजारों में भी प्रतिबंध है। भीड़भाड़ नहीं करना है धारा 144 लगी हुई है। लेकिन चुनावी रैलीयां चालू है। शिवराज सिंह चैहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया जगह-जगह चुनावी भाषण देकर लोगों को समझाने में लगे है कि हमने लोकतंत्र की हत्या नहीं की है हमें वोट दो। वही किसानों के भी फसलों के दाम नहीं मिल रहा है। शिवराज जी आप किसान हितैषी होने की बात करते हो आपके मुख्यमंत्री काल में किसानों के साथ पुलिस द्वारा गुना में जो दूर व्यवहार किया गया उसकी जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है । किसानों को पैसा कब दोगें यह बताओ। किसान अब फिर आत्महत्या करने को मजूबर हो रहे है। कांग्रेस प्रवक्ताने कहा कि कमलनाथ सरकार में किसानों की आत्महत्या रूकी थी जो अब फिर बढ़ गई है।
कांग्रेस प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा नेकहा कि भाजपा सरकार का एक सूत्रीय कार्यक्रम चल रहा है विधायकों को प्रलोभन देकर उन्हें खरीदने का उन्होनें कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अब जवाब नहीं दे रहे है जो कहते थे सड़को पर आउंगा अब किसानों के दो लाख तक के ऋणमाफ कब होगें कब सड़क पर आओगे। वह बताए, अतिथि विद्वानों और शिक्षकों का नियमितिकरण कब होगा उनका वेतन कब मिलेगा यह बताए। उन्होनें कहा कि पिछली सरकार में भ्रष्ट्राचार था वह बताएं कि उनके समर्थक मंत्रीयों के पास जो विभाग थे उनमें क्या भ्रष्ट्राचार हुआ है। ज अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो उसके सबूत पेश करें। आरोप प्रत्यारोप की राजनीति ना करें।



