एक वर्ष पहले निकाला पैसा अब करवाया जा रहा घटिया निर्माण कार्य

- शिकायत के बाद खानापूर्ति करने में लगे पंचायत के जिम्मेदार
डिंडोरी। जिले के जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत ग्राम पंचायत चटुआ गांव में पंचायत प्रतिनिधियों की मनमानी आए दिन सामने आती ही रहती है, जहां निर्माण कार्य के नाम पर लाखों रुपए आहरण करके निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ा दिया जाता है। वर्ष 2019 में मनोहर के घर से जयंती बाई के घर तक लगभग 190 मीटर सीसी सड़क निर्माण कार्य के नाम पर पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा लगभग ₹1100000 रूपए की राशि मनमानी पूर्वक आहरण कर ली गई, जबकि पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा 86 मीटर ही सीसी सड़क का निर्माण कार्य किया गया,बाकी निर्माण कार्य को यूं ही अधूरा छोड़ दिया गया था। जिससे लोगों को आवागमन करने में काफी परेशानी होती थी।
- शिकायत के बाद कराया जा रहा निर्माण कार्य
ग्रामीणों की मानें तो पिछले वर्ष सीसी सड़क निर्माण कार्य के नाम पर पंचायत द्वारा लगभग ₹1100000 रूपए की राशि निकाल ली गई थी, मामले की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों को लगने पर जिला प्रशासन से शिकायत की गई, जिसके बाद अधूरा पड़ा निर्माण कार्य को इस वर्ष पूरा कराया जा रहा है,सीसी सड़क निर्माण कार्य में जिम्मेदारों द्वारा गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा, मिट्टी युक्त गिट्टी का उपयोग करके सीसी सड़क को पूरा किया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर तरह-तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
- घटिया मटेरियल से कि जा रही खानापूर्ति
ग्रामीणों ने बताया कि अधूरी सड़क को पूरा कराने की मांग पिछले कई महीनों से की जा रही है, अब निर्माण कार्य पूरा कराया जा रहा है,तब पंचायत द्वारा खानापूर्ति कर निर्माण कार्य को पूरा कराने के फिराक में है, बताया गया कि बिना बेस डाले ही सीसी सड़क की ढलाई की जा रही है, जिसमें गुणवत्ता का ध्यान जिम्मेदारों द्वारा नहीं रखा जा रहा,मिट्टी युक्त गिट्टी से मसाला बनवाकर सीसी सड़क में उपयोग किया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं और जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
- नाली का निर्माण भी नहीं कराया
गौरतलब है कि पिछले साल सीसी सड़क एवं नाली निर्माण के नाम से लगभग ₹1100000 रूपए की राशि मनमानी पूर्वक निकाली गई थी,जबकि नाली का निर्माण पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा नहीं कराया गया,जिससे बरसात का पानी सड़कों पर बहता है, मार्ग पर कीचड़ भी होती है, जिससे आवागमन करने में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बावजूद लंबे समय से बनी समस्या का निदान अभी तक नहीं हो पाया है। स्थानीय ग्रामीणों ने जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की गई है।



