तो ऐसे कभी नहीं टूटेगी कोरोना की चैन

जबलपुर । वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के दूसरे चरण में भी लगातार गैस हॉकर घर घर जाकर कोरोना वारियर्स के तहत कार्य कर रहे हैं । परंतु न तो तीनों आयल कंपनी ने और न ही भारत सरकार द्वारा अभी तक उन्हें कोरोना वैक्सीन हेतु प्रायोरिटी लिस्ट में रखा गया है ।
जबकि पूरे सप्ताह के सातों दिन लगातार घरेलू गैस की सप्लाई में अपना योगदान दे रहे हैं । अपनी जान हथेली पर रखकर ऐसे में हम नहीं चाहते कि कहीं से भी कोरोना को मौका मिले और हो समाज पर हावी हो इन सब परेशानियों और अंदेखीयों के उपरांत भी आयल कंपनियां रुकी नहीं और अपने टारगेट के लिए इस कोरोना महामारी के दौरान रविवार को भी रिफील लगाने हेतु बाध्य कर रही हैं । जबकि जबलपुर में कई गैस हॉकर कोरोना से पीड़ित हो चुके हैं । रविवार को मिलने वाले साप्ताहिक अवकाश से गैस हॉकरों को भी कोरोना का क्रम तोड़ने में मदद होगी ।
सादर लेख है कि-
गैस हॉकर कोरोना महामारी की चुनौतियों के बीच घर-घर जाकर गैस आपूर्ती सेवा प्रदान कर रहे हैं । फ़्रंट लाइन वरियर्स होने के बाद भी अभी तक उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन हेतु प्रायोरिटी लिस्ट में नहीं रखा गया जिससे वे हतोत्साहित हैं।
शासन-प्रशासन के द्वारा कोरोना चेन ब्रेक हेतु रविवार को टोटल लॉक डाउन कर्फ़्यू लगाया गया है । जो वक़्त की ज़रूरत है ।
कर्फ़्यू के दौरान रविवार को भी रिफील लगाने हेतु आइल कम्पनियों द्वारा बाध्य किया जाना उचित नहीं है, उल्लेखनीय है कि जबलपुर में कई गैस हॉकर कोरोना से पीड़ित हो चुके हैं । रविवार को मिलने वाले साप्ताहिक अवकाश से गैस हॉकरों को भी कोरोना का क्रम तोड़ने में मदद होगी ।
अतः वक़्त की नज़ाकत को समझते हुए रविवार को रीफ़िल वितरण करने के मौखिक / लिखित आदेशों को निरस्त करें ।



