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ट्रेन मे नकली क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी खंडवा पुलिस के हत्थे चढ़े

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता। 22/10/2021 को ट्रेन न 02168 अप वाराणसी एलटीटी एक्सप्रेस के कोच एस/4 बर्थ नं0 49 पर जबलपुर के यात्री कृष्णकांत पिता गौतम प्रसाद पटेल उम्र 35 वर्ष निवासी शंकर नगर सुहागी अधारताल जबलपुर से एलटीटी की यात्रा कर रहा था। यात्रा के दौरान रेल्वे स्टेशन बुरहानपुर आने के पहले दो अज्ञात व्यक्ति आये और अपने आपको क्राईम ब्रान्च का बताकर बोले कि आप अपना बैग बैग खोलकर दिखा तो यात्री ने बताया कि वह व्यापार करने मुम्बई जा रहा है। उसके बैग में कुछ नहीं है तब आरोपियों के द्वारा उसका आधार कार्ड एवं टिकिट ले लिया एवं बैग जबरदस्ती खुलवाकर देखा जिसमें व्यापार के पाँच लाख रूपये रखे थे। आरोपियों को पैसे नहीं देने पर किसी झूठे केस में फँसा देने की धमकी देकर ट्रेन के बाथरूम में ले जाकर डरा धमका कर यात्री से 3,50,000/रूपये लिये। यात्री क्राईम ब्राँच की बात सुनकर घबरा गया था, इसलिए किसी से शिकायत नहीं की थी। मुम्बई से वापस आने के बाद जबलपुर में अपने परिचितों से चर्चा किया। तो उन्होंने जीआरपी थाना में शिकायत करने के लिए कहा, तब यात्री के द्वारा शिकायत की गई। यात्री की रिपोर्ट पर थाना जीआरपी खंडवा मे अपराध धारा 384,170,419, 34 भादवि का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। घटना की गंभीर को देखते हुए तत्काल थाना प्रभारी बबीता कठेरिया द्वारा माल की बरामदगी एवं पतारसी हेतु टीम बनाई गई । उक्त टीम द्वारा मुखबिर की सूचना, पर नकली क्राइम ब्रांच के कर्मचारी बनकर धोखाधड़ी करने वाले चार आरोपियों जिनमे से वर्तमान मे जबलपुर मे तैनात एक आरपीएफ़ आरक्षक, एक बिल्डर, साधना-न्यूज संभागीय ब्यूरो चीफ एवं एक पूर्व बीजेपी पार्षद की भूमिका पायी जाने पर सभी को जबलपुर से गिरफ्तार कर धोखाधड़ी से लिया गया रुपया जप्त करके प्रकरण के शेष अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है जिनसे शेष नगदी राशि जप्त की जाना है।गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में ज्ञात हुआ है कि आरोपी नरेंद्र वर्मा की नजर स्थानीय व्यापारियों के पैसे के आवागमन पर लंबे समय से थी । उसने ही शिकायत कर्ता कृष्णकांत पटेल के व्यवसायिक आवागमन पर नजर रखने के लिए कुछ लोगों को लगा रखा था। जब कृष्णकांत पटेल ट्रेन में पैसा लेकर जाने के लिए तैयार हुआ तो उसने यह सूचना आरोपी सचिन राव से शेयर की और आरोपी सचिन राव को जबलपुर से खंडवा तक फरियादी पर नजर रखने के लिए नियुक्त किया। आरोपी सचिन राव ने खंडवा तक कृष्णकांत पर नजर रखी और उसके बाद आरपीएफ आरक्षक संदीप तिवारी और सौरव शर्मा ने खंडवा से उस ट्रेन की यात्रा शुरू की और कृष्णकांत से गांजा आदि के झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए पैसे ले लिए। इस पूरे षडयंत्र और कार्यवाही पर आरोपी नरेंद्र वर्मा की लगातार नजर रखी थी ।जीआरपी खंडवा की टीम ने घटना दिनांक के बाद से ही लगातार बड़ी मुस्तैदी और गहनता से जांच पड़ताल कर इस बड़े रैकेट का खुलासा किया है। इस अपराध में शामिल अन्य उन लोगों की पतारसी की जा रही है जिन्होंने व्यापार के पैसे के आवागमन की जमीनी मुखबिरी आरोपी नरेंद्र वर्मा को दी थी ।

 

 

 

 

 

 

 

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