बालाघाट दर्पण

ब्रॉडगेज संघर्ष समिति ने कलेक्टर जनसुनवाई में रेंजर कॉलेज की स्थापन का किया विरोध

रेंजर कॉलेज के संभावित विस्थापन को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच ब्रॉडगेज रेल संघर्ष समिति ने चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। आंदोलन के पहले चरण में मंगलवार को समिति के अध्यक्ष अनूप सिंह बैस के नेतृत्व में कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर मृणाल मीना को ज्ञापन सौंपा गया।
बालाघाट को पिछड़ा कहना आपत्तिजनक – समिति
समिति ने ज्ञापन में रेंजर कॉलेज को बालाघाट में यथावत बनाए रखने की मांग करते हुए सीसीएफ बालाघाट द्वारा भेजे गए उस प्रस्ताव पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें बालाघाट को पिछड़ा क्षेत्र और कनेक्टिविटी से वंचित बताया गया है। समिति ने तर्क दिया कि –
उत्तर भारत से दक्षिण भारत को जोड़ने वाली ब्रॉडगेज रेल लाइन बालाघाट से गुजर रही है। मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर एरोड्रम (हवाई पट्टी) स्थित है। बालाघाट कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है। समिति का कहना है कि इन सभी सुविधाओं के बावजूद बालाघाट को पिछड़ा बताना यहां के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का अपमान है।
विस्थापन रोका नहीं गया तो होगा उग्र आंदोलन
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि रेंजर कॉलेज का विस्थापन रोका नहीं गया तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। इस अवसर पर ब्रॉडगेज रेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनूप सिंह बैस, डॉक्टर कॉन्सिल अध्यक्ष बी.एम. शरणागत, बार काउंसिल के पदाधिकारी, वकील, डॉक्टर, एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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