दर्जनों अमृत सरोवर के हुए निर्माण कार्य, कई सरोवरों में सौंदर्यीकरण तो दूर…बूंद भर नहीं है पानी

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले में रोजगार के साथ भूजल स्तर में बढ़ोत्तरी करने सहित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिले भर में लगभग 70 से ज्यादा अमृत सरोवरों के निर्माण कार्य कराया जा रहा है। गौरतलब है कि अमृत सरोवर योजना के तहत हर जिलों में लगभग 75-75 तालाबों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। बताया गया कि अमृत सरोवर योजना के तहत गांवों के वर्षों पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार भी किया जा सकता है। तालाबों के निर्माण कार्य के दौरान अमृत सरोवरों के सुंदरीकरण भी किया जाएंगे, जिससे कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ गर्मी के समय में भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सके। इसी तरह योजना में अमृत सरोवर से किसान को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की व्यवस्था हमेशा बनी रहे। बावजूद जिले के अधिकांश तालाबों में बूंद भर पानी नहीं बचें है, जिससे निर्माण कार्यों में हुए भ्रष्टाचार का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। अमृत सरोवर योजना से शासन-प्रशासन की मांशा जलीय जीव जंतु पालन सहित पशु, पक्षियों को पानी पिलाने की है, लेकिन यहां जिम्मेदार लोग योजना पर पलीता लगा रहे हैं।
मजदूरों की जगह मशीनों से हुए अमृत सरोवर के निर्माण कार्य।
गौरतलब है कि जिले में अधिकांश अमृत सरोवर योजना से निर्माण कार्य कराकर ग्रामीणों को रोजगार देने की वजह अधिकांश निर्माण कार्यों को जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टरों की मदद तालाबों के निर्माण कार्य करवाए गए, जिससे लोगों को रोजगार नहीं मिल पाया। इसी तरह रोजगार को बढ़ावा देने मछली पालन, मखाने की खेती एवं सिंचाई की व्यवस्था में सहायक होने को था, किन्तु कई तालाबों में इस गर्मी के दौरान बूंद भर पानी नहीं है। आरोपों के मुताबिक निर्माण कार्य के दौरान शासन के नियम निर्देशों का पालन नहीं किया गया। जिम्मेदार लोगों द्वारा आनन-फानन में निर्माण कार्य करवाए गए, जहां मिलीभगत करते हुए जमकर भ्रष्टाचार भी किया गया। नियमों के मुताबिक तालाबों के निर्माण एक एकड़ की भूमि पर तैयार होनी है, जिसमें 10,000 क्यूबिक मीटर पानी होना आवश्यक है। लेकिन जिले भर के अधिकांश अमृत सरोवर तालाबों में केवल नाम मात्र की पानी होना भ्रष्टाचार को साफ दर्शाता है। जिले भर में ऐसे कई जिले हैं, जहां गर्मी के दौरान भूजल स्तर कम हो जाता है, जिससे पानी की किल्लत होने लगती है। भूजल स्तर कम हो जाने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को काफी ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अमृत सरोवर योजना के माध्यम से भूजल स्तर को बनाए रखने अमृत सरोवर का निर्माण कार्य कराए गए हैं, जहां वृक्षारोपण भी किया जाना था, लेकिन कार्यों को केवल खानापूर्ति तक ही सीमित रखा गया है। ऐसा ही एक ताजा मामला जनपद पंचायत अमरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत रामगढ़ में सामने आया है, जहां निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार करते हुए जमकर मनमानी की गई। ग्रामीणों ने जिले भर में नवनिर्मित सभी अमृत सरोवरों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता सहित शासन के मापदंड की सूक्ष्मता से जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।



