उमा भारती द्वारा पत्थर फेंकने की घटना पर शिवराज सरकार क्यों है मौन

जबलपुर दर्पण। प्रदेश कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने मध्य प्रदेश सरकार की शराब नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता, खासकर महिलाएं प्रदेश भर में लगातार धरना-प्रदर्शन कर शराबबंदी का विरोध कर रहीं हैं, साथ ही मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा शराबबंदी को लेकर कार्यकर्ताओं एवं पुलिस को ले जाकर शराब दुकान में पत्थर चलाना कानून को अपने हाथ में लेना और उसके बावजूद प्रदेश सरकार द्वारा कोई कार्यवाही ना करना साथ ही शराबबंदी के नाम पर शराब प्रेमी शिवराज सरकार के कानों मंे जूं तक नहीं रेंग रही यदि बात की जाये तो मध्यप्रदेश में शराब की कई दुकानें स्कूल के समीप हैं, धार्मिक स्थलों के समीप हैं, प्रतिबंधित क्षेत्र में खुल चुकी हैं, जिसका क्षेत्र की जनता बड़े लंबे समय से विरोध कर रही है, लेकिन शिवराज सरकार आंख मूंदकर बैठी हुई है। शिवराज सरकार को केवल राजस्व से मतलब है, इसलिए वह शराब नीति को बढ़ावा देने का काम करती रहती है। शिवराज सरकार शराब से एक्साइज ड्यूटी कम करने का निर्णय लिया शिवराज सरकार शराब सस्ती कर घर घर पहुंचाने का काम कर रही है और लगातार जनता इसको लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। मंदिर, मस्जिद, धार्मिक स्थलों की बात करें, स्कूल के आसपास के क्षेत्र को लेकर बात करें तो नियमों का लगातार उल्लंघन हो रहा है और सरकार आंख मूंदकर सोई हुई है। कांग्रेस की मांग करती है कि जिन प्रतिबंघित क्षेत्रों में शराब की दुकान खुली हैं, जो नियम विरुद्ध है, उन शराब की दुकानों को तत्काल बंद किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा भीड़ और पुलिस को साथ में लेकर शराब की दुकान में जाकर पत्थर उठाकर फेंकना यह एक प्रायोजित आंदोलन कर जनता को शराबबंदी आंदोलन के नाम पर दिखावा करना उनकी कथनी और करनी को उजागर कर रहा है।



