ग्राम हरदुआ का पेयजल संकट दूर नहीं कर पाए सांसद

पीएम नरेंद्र मोदी के महाभियान पर लगाया गया पलीता
रीवा दर्पण। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांवों को समुचित विकसित कराने की मंशा के साथ एक महाभियान शुरू करवाया था। जिसके अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के सांसदों को अहम जिम्मेदारी केंद्र सरकार द्वारा सौंपी गई। इस महाभियान में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा भी जिम्मेदारी के साथ शामिल हुए। रीवा सांसद ने सेमरिया तहसील अंतर्गत ग्राम हरदुआ को गोद लिया। इस अति महत्वाकांक्षी योजना का मकसद गोद लिए गए गांवों में समुचित विकास को धरातल पर संभव बनाना था। लेकिन ग्राम हरदुआ में किसी तरह का विकास धरातल पर साकार नहीं हुआ है। कल्पनाओं के पिटारे में विकास की संभावनाएं रही जरुर पर उसमें ईमानदारी से पालन नहीं किया गया। आज भी रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के गोद लिए गए गांव हरदुआ में रहने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या पेयजल आपूर्ति की बनी हुई है। लगभग बीस वार्ड वाली ग्राम पंचायत हरदुआ में रहने वाले लोगों को पेयजल के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर की बराबर यात्रा करनी पड़ती है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि हरदुआ की सबसे बड़ी और मुख्य समस्या पेयजल आपूर्ति की है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है। आखिरकार गोद लेने के बावजूद रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा हरदुआ वासियों को अति महत्वपूर्ण पेयजल आपूर्ति की सौगात नहीं दे पाए हैं। जिस नेक मकसद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभियान चलाया था, उस पर रीवा सांसद ने पलीता लगाने का काम किया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर रीवा सांसद ने जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। ग्राम हरदुआ की उपेक्षा से आहत ग्रामीणों ने कहा कि रीवा सांसद ने केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए ग्राम हरदुआ को गोद लिया था।
पीएम आवास-शौचालय निर्माण की आड़ में लीपापोती
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा द्वारा गोद लिए गए गांव हरदुआ की किस्मत कदापि नहीं बदली है। हवा हवाई अंदाज में विकास की गंगा यहां पर प्रायोजित तरीके से बहाई गई है। केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना का हरदुआ में सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं कराया गया। यही वजह है कि रीवा सांसद के इस आदर्श ग्राम हरदुआ में रहने वाले भूमिहीनों और आवासहीनों गरीबों को लगातार प्रयास करने के बाद भी योजना का लाभ नसीब नहीं हुआ है। इसके साथ ही खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत घर घर में शौचालय का निर्माण कराया गया। लेकिन रीवा सांसद के गोद लिए गांव में गरीबों की बस्ती में रहने वाले लोगों को शौचालय निर्माण का परस्पर लाभ नहीं मिला है। ग्राम हरदुआ में गिनती के ही सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक से जुड़े चंद लोगों के अलावा अन्य बहुतायत पात्र हितग्राहियों को पीएम आवास योजना और घर घर शौचालय निर्माण योजना का लाभ मांगने के बाद भी नहीं मिला। आज भी रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के गोद लिए गए गांव हरदुआ में बहुतायत गरीब बस्तियों के रहवासी पहले की तरह खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं।
शुल्क वसूले जाने के बावजूद नहीं पहुंचा घरों में पानी
सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हरदुआ की आबादी करीब चार हजार के आसपास है, बीस वार्ड में फैले इस हरदुआ गांव में रहने वाले भोले भाले ग्रामीणों को अच्छे दिन आने के सपने जरुर दिखाए गए पर अफसोस वास्तविक रुप में आज तक साकार नहीं हुए हैं। ग्राम हरदुआ में रहने वाले लोगों ने बताया कि हमारे इस गांव की सबसे बड़ी समस्या पेयजल आपूर्ति बनी हुई है। लगभग चार पांच साल पहले हरदुआ में घर घर नल कनेक्शन देने के लिए लोगों से निर्धारित शुल्क को जमा करवाया गया। नल कनेक्शन पाने के लिए ग्रामीणों ने बढ़ चढ़कर शुल्क जमा करते हुए अपने नाम की रसीदें कटवाई। ग्राम हरदुआ में आधा दर्जन बोर भी करवाए गए और पेयजल आपूर्ति के लिए बकायदा पाइप लाइन भी बिछाई गई, लेकिन आज तक किसी गांव वाले के घर तक पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है। मजबूरी में बीस वार्ड में रहने वाली ग्रामीण जनता को पेयजल हासिल करने के लिए दो किलोमीटर की यात्रा निरंतर करते हैं।
पीएम यदि देखें वास्तविकता तो बेनकाब होंगे सांसद
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के सभी सांसदों को अपने अपने संसदीय क्षेत्र में गांवों को गोद लेने का फरमान जारी कर दिया। जिस पर रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हरदुआ को गोद ले लिया। गोद लेने की रस्म पूरी करने के अलावा रीवा सांसद ने गांव को संपूर्ण विकसित करने के लिए जिम्मेदारी के साथ कोई काम नहीं किया? केवल विकास पुरुष के साथ मंच साझा करते हुए रीवा सांसद ने अपने गोद लिए गांव हरदुआ को केवल भाषणों में विकसित बनाया है? मुंह जुवानी विकास भाजपा जनप्रतिनिधियों की विंध्य क्षेत्र में पहचान बन गई है। मुलभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर हरदुआ वासियों की भावनाओं से रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने केवल खिलवाड़ किया है। यदि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाजपा सांसदों के गोद लिए गांवों की जमीनी हकीकत गुपचुप अपने आंखों से देख लें तो निस्संदेह रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा का राजनैतिक कैरियर एक झटके में हाशिए पर पहुंच जाएंगे?



