छोटी लाइन फाटक से ग्वारीघाट तक नैरोगेज की जमीन का मामला सुलझा, रेलवे मंत्री ने दी जमीन हस्तांतरण की स्वीकृति

जबलपुर दर्पण । छोटी लाइन फाटक से ग्वारीघाट तक की नैरो गेज रेलवे जमीन अब जबलपुर की जनता के विकास के लिए उपलब्ध होगी। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव ने इस जमीन के राज्य सरकार को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी है, जिससे ग्वारीघाट जाने के लिए एक नया मार्ग विकसित किया जा सकेगा। यह फैसला मप्र के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह के लगातार प्रयासों के बाद लिया गया है। राकेश सिंह ने बताया कि जबलपुर से गोंदिया तक की ब्रॉडगेज लाइन का कार्य पूरा होने के बाद गोरखपुर से ग्वारीघाट तक की नैरो गेज रेलवे लाइन अब अनुपयोगी हो गई थी। इस जमीन का उपयोग अब जबलपुर की जनता के लिए एक वैकल्पिक मार्ग और अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा सकेगा। लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री से दिल्ली में मुलाकात की और रेलवे की जमीन के बदले गधेरी स्थित भूमि देने का प्रस्ताव रखा। रेलवे बोर्ड ने पहले इस प्रस्ताव को असमान मूल्य निर्धारण के कारण वापस कर दिया था, लेकिन श्री सिंह की आग्रह और महत्व को देखते हुए रेल मंत्री ने इस जमीन को राज्य सरकार को सौंपने की मंजूरी दी। अब, इस जमीन का उपयोग नए मार्ग, सड़कों और अन्य विकास कार्यों के लिए किया जाएगा, जिससे जबलपुर में यातायात की सुविधा बढ़ेगी और नागरिकों को नए अवसर मिलेंगे। लोक निर्माण मंत्री ने इस सौगात के लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया और जबलपुर की जनता को शुभकामनाएं दी।



