मध्य प्रदेशसतना दर्पण

73 सालों से नाव के भरोसे जिंदगी, मुंह चिढ़ाता विकास

उचेहरा तहसील में अच्छे दिन आने का जारी है इंतजार

मुकेश चतुर्वेदी की खास खबर
सतना।
देश की आजादी के 73 साल होने के बाद भी सतना जिले की उचेहरा तहसील में सैकड़ों ग्रामीणों के लिए आवागमन की सुविधा आज भी सबसे बड़ा सपना बनी हुई है। पिछले पंद्रह सालों में भाजपा सरकार ने अपने दावे के अनुसार पूरे मध्यप्रदेश में सबसे अधिक विकास की गंगा बहाई है, उसके बाद भी उचेहरा तहसील के अंतर्गत ग्राम पोंडी गरादा में टमस नदी पर आवागमन के लिए एक पुल का निर्माण रुपी विकास अब तक संभव नहीं हो पाया है। उचेहरा से अमरपाटन को जोड़ने वाली टमस नदी पर दशकों से सैकड़ों ग्रामीणों को आवागमन के लिए एक पुल का बेसब्री से इंतजार है। कहते हैं कि इस गांव में विधायक सहित अन्य तरह का चुनाव लडने वाले जनप्रतिनिधि अनगिनत बार लोगों के बीच आकर पुल निर्माण का वादा कर चुके हैं जो आज तक धरातल पर साकार नहीं हुआ। कीमती वोट हासिल करने के लिए छोटे बड़े सभी नेताओं ने दशकों से परेशान जनमानस की भावनाओं के साथ केवल खिलवाड़ किया है। ग्राम पोंडी गरादा में टमस नदी पार करने के लिए एकमात्र साधन नाव है, जिसके लिए जेब ढीली करनी ही पड़ती है। बताते हैं कि एक दिन में एक सैकड़ा से अधिक मोटरसाइकिल नाव के सहारे इधर से उधर का सफर पूरा करती है, इसके एवज में वाहन मालिक को 20-30 रुपए का नगद भुगतान करना ही पड़ता है। उचेहरा से अमरपाटन को जोड़ने का काम जीवन दायिनी टमस नदी ही करती है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव लडने वाले योद्धाओं ने हमेशा हमारे पास आकर यही आश्वासन दिया कि चुनाव के बाद टमस नदी पर पुल निर्माण सबसे पहले प्राथमिकता के साथ करवाया जाएगा, लेकिन 73 सालों में नेताओं का झूठा वादा कभी साकार नहीं हुआ। दशकों से परेशान ग्रामीणों की आंखों में एकमात्र पुल निर्माण का सपना बसा हुआ है। बताते हैं कि नाव के सहारे जीवन यापन करते हुए पीढियां भी समाप्त हो चुकी है फिर भी आवागमन के लिए टमस नदी पर एक पुल का निर्माण नहीं करवाया गया। मंत्री, सांसद, विधायक सबसे ग्रामीणों ने अपना दुखड़ा अनगिनत बार रोया पर मतलबी दुनिया में किसी का दिल नहीं पसीजा। दशकों से सैकड़ों ग्रामीणों को अच्छे दिन जिंदगी में आने का इंतजार है, परम पिता परमेश्वर ही जाने बेचारे गांव वालों का सपना आखिर कब साकार होगा।हमेशा मंडराता है अनहोनी का साया, खिलवाड़ कब तक सतना जिले की उचेहरा तहसील क्षेत्र में उचेहरा से अमरपाटन को जोड़ने वाली टमस नदी पर पुल निर्माण सबसे बड़ी समस्या आज भी बनी हुई है। ग्राम पोंडी गरादा में रहने वाले ग्रामीणों की कीमती जिंदगी पर मौत का खतरा हर पल बना रहता है। मोटर साइकिल को नाव में लेकर वाहन चालकों को आवाजाही करना पड़ता है। बीस से तीस रुपए का भुगतान करने पर ही ग्रामीणों के वाहन इधर से उधर पहुंच पाते हैं। उचेहरा तहसील में विकास की गंगा कितनी बेहतर तरीके से बहाई गई है, वह नाव में मोटर साइकिल को देखकर ही समझा जा सकता है। ग्राम पोंडी गरादा में रहने वाले लोगों के लिए बुनियादी विकास आज भी कोरा सपना बना हुआ है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिस तरह से पंद्रह साल भाजपा शासनकाल में विकास के हवा हवाई दावे हर मंच पर करते हैं, यदि सीएम ग्राम पोंडी गरादा में रहने वाले सैकड़ों ग्रामीणों की समस्या अपनी आंखों से देख लें तो शायद विकास की गंगा बहाने वाला जुमला फिर किसी दूसरे मंच पर आम जनता को सुनने को न मिलें। सैकड़ों ग्रामीणों की जिंदगी पर मौत का सहारा हमेशा मंडराता रहता है, यदि समय पर भाजपा सरकार कुंभकर्णी नींद से नहीं जगी तो जनहानि जैसा चौंकाने वाला मामला सामने आ जाएगा, बेहतर है कि सैकड़ों परेशान ग्रामीणों की जिंदगी को सुरक्षित रखने के लिए जल्द से जल्द जिला प्रशासन उचेहरा से अमरपाटन को जोड़ने वाली टमस नदी पर ग्राम पंचायत पोंडी गरादा में टमस नदी पर पुल का निर्माण करवा दे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page