पत्रकार सुरक्षा कानून के बगैर देश का चौंथा स्तंभ नहीं है सुरक्षित

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। देश के चौथे स्तम्भ कहें जाने वाले पत्रकार आए दिन अभद्रता का शिकार हो रहे हैं। देश भर में पत्रकारों पर हमला सहित थानों में फर्जी मुकदमा दर्ज होने के मामले में भी इजाफा हो रहा है। ऐसा लगता है कि अब देश में बिना पत्रकार सुरक्षा कानून के बने पत्रकारिता करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है। इसी तरह पिछले दिनों कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के साथ की गई अभद्रता के विरोध में जिले के पत्रकारों ने जिला कलेक्टर को महामहिम राजपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने की मांग की गई है। पिछले दिनों 20 सितम्बर को जिले में एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटनाक्रम को लेकर जिले के पत्रकारों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए, एसपी से मौखिक शिकायत की है, जहां पुलिस अधीक्षक ने मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर कार्रवाई करने का आश्वासन पत्रकारों को दिया। जिले के पत्रकारों ने कांग्रेस नेताओं की निन्दा की और बिना आमंत्रण के किसी भी आयोजन में न जाने सहित कांग्रेस नेताओं के कवरेज नहीं करने की बात कही गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अनिल पटेल, प्रेस क्लब के जिला अध्यक्ष शिवराम बर्मन, पत्रकार पंकज शुक्ला, सुरेन्द्र सोनी, अभिमन्यु सिंह, असगर सिद्घगी, नीलमणि चौधरी, रामप्रकाश मिश्रा, राकेश मिश्रा, रवि मिश्रा, दीपू ठाकुर, कमलेश पाठक, प्रमोद पड़वार, नंद किशोर ठाकुर, दुर्गेश साहू, सुनील हतेश, मुकेश बैरागी, धर्मेन्द्र मानिकपुरी सहित जिले भर के अन्य पत्रकार लोग मौजूद रहे।



