बलिदान दिवस पर जिला कांग्रेस कमेटी ने किया श्रद्धांजलि अर्पित

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। गोंडवाना साम्राज्य के महाराजा शंकर शाह जी व कुंवर रघुनाथ शाह जी के बलिदान दिवस पर जिला कांग्रेस कमेटी के सहायता केंद्र में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा के दौरान महाराजा शंकर शाह कुंवर व रघुनाथ शाह जी के तैल चित्र पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष आलोक शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी तुलसी राम मरावी, आदिवासी विकास युवाअध्यक्ष ननकू सिंह परस्ते, जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री अकील अहमद सिद्दीकी, कांग्रेस सेवादल प्रदेश सचिव सुरेंद्र सरैया, वरिष्ठ कांग्रेसी सगीर खान, सेक्टर अध्यक्ष विक्की खान, गुलबसिया पूषाम, पुष्पा महोबिया, विजय दाहिया सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने छायाचित्र में सूत की माला से श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए नमन किया गया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला ने कहा कि गोंडवाना साम्राज्य के महाराजा शंकर शाह जी तथा उनके पुत्र रघुनाथ शाह जी ने अंग्रेजों से मातृभूमि की रक्षा करने के लिए अंग्रेजी हुकूमतों से युद्ध करने का निर्णय किया। उन्होंने अंग्रेजी हकूमत को उखाड़ फेंकने के लिए छोटे छोटे राजा और जमीदारों को एकत्र कर अंग्रेजो के खिलाफ जंग छेड़ दिया। राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह कवि के रूप में भी प्रसिद्ध थे, आज उनकी कविताएं दिलों में देश प्रेम की भावना जगाती है। कविताओं के माध्यम से घर-घर में आजादी की अलख जगाई थी, अंग्रेजो के खिलाफ खड़े होने के लिए लोगों में हिम्मत साहस की प्रेरणा दी है।
पिता पुत्र के बलिदान को याद रखेगी देश पीढ़ी
सन् 1857 में जबलपुर में तैनात अंग्रेजों की 52 वीं रेजीमेंट का कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल क्लार्क बड़ा अत्याचारी था, जो छोटे छोटे राजा और आम जनता को बहुत परेशान कर रखा था, जिससे चारों और अनाचार और व्यभिचार का बोलबाला था, जनता में हाहाकार मचा हुआ था। राजा शंकर शाह ने जनता और जमींदारों को साथ में लेकर क्लार्क के अत्याचारों को खत्म करने के लिए संघर्ष का ऐलान कर दिया, उधर क्लार्क अपने गुप्त चरों के माध्यम से शंकर शाह रघुनाथ शाह जी के द्वारा अंग्रेजों के खिलाफ की जा रही युद्ध की तैयारी की जानकारी प्राप्त कर लिया। 14 सितंबर को अंग्रेजों ने राज महल को घेर लिया महाराजा शंकर शाह की तैयारी अभी अधूरी थी, अतः धोखे के चलते राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह बंदी बना लिए गए। अठारह सितंबर आज ही के दिन तोप के मुख में बांधकर पिता और पुत्र को शहीद कर दिया गया था। आज महाराजा शंकर शाह व रघुनाथ शाह की वीरता संपूर्ण गोंडवाना ही नहीं मध्य प्रदेश एवं देश में गौरव गान करती है, हमारे क्षेत्र का सम्मान बढ़ाती है। आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रेरणा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपए की राशियां जारी की थी, मध्यप्रदेश कांग्रेस सरकार ने पिता पुत्र के बलिदान स्थल को संवारने के लिए अनेकों योजनाएं भी बनाई थी। आज पिता पुत्र के बलिदान दिवस पर मैं श्री चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं। श्रद्धांजलि सभा में धनु लाल बनवासी, विजय दहिया,ननकू सिंह परस्ते, कौशल नेताम, कपूर बनवासी, रामू प्रसाद राव, नजीम, ए ए कुरेशी, सहित कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।



