पंचायत मंत्री ने चेकडेम की जांच कमेटी की गठित …

पूर्व विधायक आरडी प्रजापति करेंगे जिले भर के चेकडेमों की जांच
जबलपुर दर्पण ब्यूरो अरविंद कुमार द्विवेदी छतरपुर।
जिले में मनरेगा के तहत लगभग 400 चेकडेम स्वीकृत किए गए थे। इन चेकडेमों में जो स्टीमेट उपयंत्रियों के द्वारा बनाए गए थे उन सभी के स्टीमेट लगभग एक से हैं जिनकी औसतन लागत 14 लाख 90 हजार से 98 हजार तक बताई गई है। मजेदार बात ये है कि दो चेकडेम स्वीकृत किए गए हैं उनकी नस्तियां जिलापंचायत कार्यालय की मनरेगा शाखा में उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में केवल 90 चेकडेमों की सूची उपलब्ध है। इस संंबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के राज्य मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने एक जांच कमेटी नियुक्त की है जो पूरे जिले के चेकडेमों को चेक करेगी और उन चेकडेमों के स्थल निरीक्षण व उनमें लगे स्टीमेट की भी जांच की जाएगी। कमेटी में कार्यपालन यंत्री आरईएस जेपी आर्य एवं आरईएस के एसडीओ यासीन खान, उपयंत्री आरके अवस्थी और पूर्व विधायक आरडी प्रजापति को शामिल किया गया है।यह कमेटी जिले भर में स्वीकृत चेकडेमों की जांच कर अपनी रिपोर्ट भोपाल भेजेगी। जांच कमेटी बनने के बाद पूरे जिले में हडकंप मचा हुआ है और जिन लोगों ने भी चेकडेम स्वीकृत कराए थे उनकी हालत पतली नजर आ रही है।इस संबंध में आरईएस के कार्यपालन यंत्री जेपी आर्य ने बताया कि चेकडेमों की जांच की कार्यवाही शुरु कर दी गई है और पूर्व विधायक आरडी प्रजापति के नेतृत्व में विभिन्न विकासखंडों के अंतर्गत बनाए गए ग्राम पंचायतों के द्वारा चेकडेमों की जांच की जाएगी। वहीं दूसरी ओर सङ्क्षचाई विभाग के सहायक यंत्रियों के द्वारा बिना स्थल निरीक्षण किए चेकडेमों का सत्यापन कार्य मोटी रकम लेकर किया जा रहा है। कुल मिलाकर जिले में स्वीकृत किए गए चेकडेम को लेकर बड़ी कार्यवाही हो सकती है और दोषी उपयंत्री, सहायकयंत्री के खिलाफ कार्यवाही होना सुनिश्चित माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर जिले के दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी चेकडेम के कार्य स्वीकृत करने के कारण लपेटे में आ रहे हैं। जनपद के सीईओ के द्वारा चेकडेमों का जो भुगतान किया जा रहा है उसमें भी भारी फर्जीवाड़ा हो रहा है। फर्जी फर्मों के बिल वाउचर लगाकर भुगतान किया जा रहा है।इसकी भी जांच होना है। फिलहाल छतरपुर जिले में स्वीकृत चेकडेमों की जांच के लिए जो कमेटी बनाई गई है वह अपनी रिपोर्ट पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री को सौंपेगी।



