डिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

पंचायती राज संगठन बजाग के बेनर तले हुआ कार्यक्रम का आयोजन

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। गांधी परिवार में 19 नवंबर 1917 को जन्मी आयरन लेडी कही जाने वाली देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था। देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन बजाग के अध्यक्ष उमाशंकर सिंगराम के तत्वावधान एवं महिला कांग्रेस डिंड़ौरी अध्यक्ष संतोषी रामजी साहू के नेतृत्व में ग्राम सुनपुरी में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। तेलीय चित्र पर सूत की माला पहनाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोषी रामजी साहू ने कहा कि जब भारत के इतिहास की सबसे सशक्त महिलाओं को याद किया जाएगा इसमें इंदिरा गांधी का नाम जरूर शामिल होगा। इंदिरा गांधी वैसे तो राजनीति से जुड़ी एक महिला हैं, लेकिन उनके कामों फैसलों ने उन्हें मात्र एक महिला नहीं रहने दिया, बल्कि भारत की लौह महिला बना दिया। इंदिरा गांधी आजाद भारत के इतिहास की इकलौती महिला हैं, जो प्रधानमंत्री बनीं, उनके बाद से आजतक किसी महिला को इस पद पर आने का मौका नहीं मिला। इंदिरा गांधी न केवल प्रधानमंत्री बनी, बल्कि उन्होंने ऐसे दमदार फैसले लिए, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।

अंतिम भाषण में कहा था, खून का एक-एक कतरा देश के काम आए :- कार्यक्रम के दौरान संबोधन में बताया गया कि उन्होंने कहा था कि खून का एक-एक कतरा देश के काम आएगा, अतुलनीय साहस एवं आत्मविश्वास की मिसाल भारत की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री भारत रत्न आयरन लेडी स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी को उनकी जन्म जयंती पर शत-शत नमन करती है। संबंधित करते हुए बजाग ब्लाक अध्यक्ष उमाशंकर सिंगराम ने कहा कि देश की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आम जनता के बीच बहुत लोकप्रिय थीं। इंदिरा गांधी ने असल मायनों में महिला सशक्तिकरण और गरीबी हटाओ के नारे को सार्थक किया था। इसी लिए उन्हें आयरन लेडी कहा जाता है। राजनीति की नब्ज को समझने वाली इंदिरा मौत की आहट को तनिक भी भाप नहीं सकीं और उनकी सुरक्षा में तैनात दो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गोली मार दी। कार्यक्रम के दौरान सुमन बाई श्याम, लक्ष्मीबाई ठाकुर, रुकमणि बाई, रामजी साहू, बहादुर, सुल्तान, देवेंद्र सोनवानी, मिश्रा, गंगा सिंह, रूप सिंह सहित अन्य कांग्रेस के पदाधिकारी कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।

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