घुघरी,मोहगांव और नैनपुर में हुई समीक्षा बैठक

शिक्षा गुणवत्ता के लिए बनी रणनीति
मण्डला। शिक्षा को लेकर जन जातीय कार्य विभाग मंडला जिला के अलग अलग विकासखंडों में जाकर शिक्षा की अलख जगा रहा है।विगत वर्ष बोर्ड परीक्षा परिणामों में आई गिरावट के कारण विभाग की जो छबि धूमिल हुई है उसमें चार चांद लगाने के लिए अधिकारी द्वय विजय सिंह तेकाम सहायक आयुक्त एवं डी एस उद्दे सहायक संचालक ,जन जातीय कार्य विभाग कमर कस लिए हैं। दोनों अधिकारी लगातार अलग अलग विकासखंडों में जाकर प्राचार्यों और शिक्षकों के साथ शिक्षा गुणवत्ता के साथ साथ अच्छे परीक्षा परिणाम को लेकर समीक्षा बैठक ले रहे है।बता दें कि इसके पूर्व नारायणगंज, बीजाडांडी और मंडला में बैठक ली जा चुकी है। बैठक में संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी व वरिष्ठ प्राचार्यों को दायित्व भी सौपें गए हैं, साथ ही कुछ विषय शिक्षकों को कमजोर विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न व उनके उत्त्तर तैयार करने को कहा गया है।इसी तारतम्य में शरद पूर्णिमा के पावन दिवस पर विकाशखण्ड नैनपुर, घुघरी और मोहगांव में भी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सर्वप्रथम विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा, अर्चना व वंदना कर अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षकों व विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा संचार के लिए प्रार्थना की गई।बैठक में तीनों विकासखंडों के प्राचार्यों व शिक्षकों ने अपने अपने सुझाव दिए तथा आश्वत किया गया कि इसबार विभाग की छबि धूमिल नही होने देंगें। सहायक संचालक डी एस उद्दे ने कक्षा 10 वी के अंग्रेजी, गणित और कक्षा 12 वी के कठिन विषय अंग्रेजी, गणित, भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, अर्थशास्त्र की कैसे तैयारी करवाई जाए ताकि सी व डी ग्रेड का विद्यार्थी भी परीक्षा में उत्तीर्ण हो सके। विजय सिंह तेकाम सहायक आयुक्त ने निर्देशित किया कि विद्यालयों में शिक्षकों सहित विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थित होनी चाहिए।इसके लिए प्राचार्य व शिक्षक पालको व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क करे,बच्चों को प्रेरित करें। विगत पाँच वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करिया जाए। कमजोर विद्यार्थियों की निदानात्मक कक्षाएं लगाई जाएं। गृह कार्य दिया जाए और अगले दिवस उसकी जांच की जाए।जाँच परीक्षा लेकर गलतियों को सुधरवाया जाए। प्राचार्यों को प्रत्येक विषय के शिक्षण की सतत मोनेटरिंग करना है।सहायक आयुक्त विजय सिंह तेकाम ने कड़े शब्दों में यह भी बताया कि विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाएगा और पंद्रह दिन बाद फीडबैक भी लिया जाएगा। विकाशखण्ड शिक्षा अधिकारी अपने अपने विकासखंड की प्रगति रिपोर्ट प्रति सप्ताह जिला कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। परीक्षा परिणाम किसी भी हालत में निर्धारित लक्ष्य से कम नही आना चाहिए।कम परीक्षा परिणाम आने पर इसका खामियाजा प्राचार्य व संबंधित विषय शिक्षकों को भुगतना पड़ेगा।स्कूली शिक्षा कोताही बर्दास्त नही की जाएगीऔर न ही कोई बहाना चलेगा।



