वतन से मोहब्बत ईमान की पहचान है : सरताज मंजिल

जबलपुर दर्पण। भाजपा युवा नेता सरताज मंजिल ने बताया के राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस यानी यौमे आजादी के मौके पर देश के यशश्वी प्रधानमंत्री आदर्णीय नरेंद्र मोदी जी के हर घर तिरंगा के आव्हान पर भारत का मुसलमान भी इस जश्न में शामिल होकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है, क्योंके इस्लाम में अल्लाह के आखरी पयम्बर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने कहा था के हुब्बुल वतन मिनल ईमान यानी वतन से मोहब्बत ईमान की पहचान है, यानी जिस मुल्क में रहो उसके वफादार बनकर रहो, पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने कहा था के किसी भी मुल्क की तरक्की अमन, भाईचारा व आपसी प्रेम के माहौल में ही हो सकती है, प्यारे नबी ने यहां सबके साथ सही इंसाफ करना, यतीमों, गरीबों, मजलूमों, बेसहारों की मदद, पड़ोसियों के साथ नेक बर्ताव करना सिखाया, वहीं चोरी, फरेब, बेइमानी, झूठ, लालच, नफरत जैसी बुराइयों से दूर रहने की हिदायत दी, सरताज मंजिल ने आगे कहा कि आज मुस्लिम समाज में अधिकतर लोग नबी अकरम के बताए रास्ते से भटककर गलत राह अख्तियार कर रहे हैं, जो उसकी बदहाली का सबब है, इसलिए नबी अकरम के बताए राह पर चलकर ही मुल्क, कौम और समाज को प्रगतिशील और खुशहाल बनाया जा सकता है, कुछ साल पहले जेएनयू में एक नारा लगा था भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाअल्लाह इंशाअल्लाह, आज मैं कहता हूं भारत विश्व गुरु बनेगा इंशाअल्लाह इंशाअल्लाह।



