सीक्यूएमएच अब्दुल हामिद को परमवीर चक्र सम्मान

जबलपुर दर्पण। 4 ग्रेनेडियर्स के परम योद्धा, सीक्यूएमएच अब्दुल हामिद, परमवीर चक्र के साथ जुड़ना वाहन निर्माणी जबलपुर के लिए बड़े सम्मान और गौरव की बात है, वर्ष 1965 के युद्ध के दौरान खेम करण सेक्टर सीक्यूएमएच अब्दुल हामिद ने जीप पर लगी अपनी 106 मिमी आईसीएल गन का उपयोग करते हुए पाकिस्तानी सेना के बेहतर पैटन टैंकों पर हमला किया और अपने अदम्य साहस से चार पाकिस्तानी पैटन टैंकों को नष्ट कर दिया था, असल उत्तर की लड़ाई में उनके द्वारा की गई कार्रवाई के लिए सीक्यूएमएच अब्दुल हामिद को भारत के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था, वाहन निर्माणी ने असल उत्तर की लड़ाई के दौरान सीक्यूएमएच अब्दुल हामिद द्वारा इस्तेमाल की गई मूल जीप को एक जीवित किवदंती के रूप में पुनर्निमित और पुनर्स्थापित किया, 25 नवंबर 2023 को मुख्य महाप्रबंधक, वाहन निर्माणी जबलपुर द्वारा ग्रेनेडियर्स रेजीमेंट सेंटर (जबलपुर) को प्रस्तुत किया गया, वाहन की बहाली से इस वाहन को नई पीढ़ी के सामने प्रदर्शित करने में काफी मदद मिलेगी तथा इससे उन्हें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के महत्व का एहसास भी कराया जा सकेगा। वाहन निर्माणी जबलपुर (एवीएनएल) इकाई भारतीय सशस्त्र बलों को गतिशीलता समाधान प्रदान करने के लिए एक समर्पित वाहन विनिर्माण इकाई है। वाहन निर्माणी को गर्व है कि वह सीक्यूएमएच अब्दुल हामिद, पीवीसी द्वारा इस्तेमाल की गई मूल जीप के नवीनीकरण और बहाली की परियोजना से जुड़ी हुई है। यह जीप असल उत्तर की लड़ाई का हिस्सा थी, जिसमें भारतीय सेना ने हैवी व्हीकल फैक्टरी, आवडी जो कि अब बख्तरबंद वाहन निगम लिमिटेड (एवीएनएल) का हिस्सा है, द्वारा निर्मित टैंकों का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा जीप और आईसीएल गन जिसका उपयोग सीक्यूएमएच अब्दुल हामिद, पीवीसी द्वारा किया गया था, का निर्माण भी जबलपुर की गन कैरिज फैक्टरी द्वारा किया गया था, जो पहले आयुध निर्माणी बोर्ड का हिस्सा थी। श्री संजीव कुमार भोला, मुख्य महाप्रबंधक, वाहन निर्माणी जबलपुर, आईसीएल गन और अर्जुन टैंक के डिजाइन और निर्माण में गन कैरिज फैक्टरी और हैवी व्हीकल फैक्टरी दोनों से अपनी सेवा के शुरुआती दिनों से जुड़े रहे हैं।



