ना खायेंगे ना खाने देंगे,ना जनता को रिश्वत का एक रूपया लगने देंगे-सिद्धार्थ मलैया

टीम सिद्धार्थ मलैया संयोजक ने अपना घोषणा पत्र किया जारी
जबलपुर दर्पण/दमोह ब्यूरो। सिद्धार्थ मलैया के नाम से असंगठित दल के रूप में नगर पालिका चुनाव 2022 में अपने निर्दलीय प्रत्याशी उतार रहे टीम संयोजक सिद्धार्थ मलैया ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर घोषणा पत्र जारी किया उन्होंने कहा कि यह हमारा घोषणापत्र है और दृष्टि पत्र भी घोषणापत्र है हम वादा कर रहे हैं यह हम करेंगे और दृष्टि पत्र यह हम करना चाहते हैं हम कितना कर पाते हैं यह हमारे कर्म पर निर्भर करेगा। अपराध मुक्त और भ्रष्टाचार मुक्त दमोह देना चाहते हैं हमारी नगर पालिका में सरकार आएगी तो हमें नैतिक एवं राजनीतिक बल के दम पर शहर को अपराध मुक्त दमोह और भ्रष्टाचार मुक्त पालिका देंगे हम दूर दृष्टि से शहर का निर्माण करना चाहते हैं अधिकारियों कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी राज्व बढ़ाने का हम प्रयास करेंगे विकास कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता से कराने के लिए प्रतिबद्ध है ग्रीन दमोह क्लीन दमोह के माध्यम से हम शहर को टॉप 10 शहरों में लाना चाहते हैं आवास योजना में पात्र हितग्राहियों को एक गाइडलाइन बनाकर ईमानदारी से योजना का लाभ देना चाहते हैं विभिन्न स्थानों पर छोटे-छोटे पार्कों का निर्माण पानी निकासी के बेहतर प्रबंधन के लिए बड़े नालों एवं नालियों का निर्माण एवं उन्हें ढ़कना स्ट्रीट लाइट के माध्यम से प्रकाश की उचित व्यवस्था एवं सीसीटीवी कैमरों से शहर को कवर करना जिसमें हमें अपराध मुक्त दमोह बनाने में मदद होगी ई लाइब्रेरी पुस्तकालय आमजन की समस्याओं को सुनने के लिए कॉल सेंटर की स्थापना गौ संवर्धन एवं आवारा पशुओं से छुटकारा बारात घर एवं सामुदायिक भवनों का निर्माण शहर के तालाबों का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्य करण विद्युत शवदाह गृह एवं मुक्तिधाम का सौंदर्य करण नई शॉपिंग कापलेक्स का निर्माण और महिला मार्केट का निर्माण हमारे सफाई कर्मचारियों सेवादारों आदि को यथोचित साधन एवं मानदेय उपलब्ध कराना बाजार में विभिन्न स्थानों पर महिला टॉयलेट आदि उपलब्ध कराना हमारे फुटपाथ एवं दुकानदार भाइयों के लिए योजनाओं का लाभ दिलाना दमोह वासियों के सहयोग एवं संगठनों दानदाताओं के सहयोग से गरीबों को ₹10 में भरपेट भोजन देना और हमारे पत्रकार बंधुओं के लिए प्रेस क्लब की स्थापना यह हमारे घोषणा पत्र और दृष्टि पत्र में सम्मिलित है
एक बात और कहना चाहता हूं कि नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव जनता से ना कराकर पार्षदों के माध्यम से कराना यह भाजपा की गाइडलाइन नहीं है यह मूलभूत सिद्धांत भी नहीं हम इसका विरोध दर्ज कराते हैं सत्ताधारी के द्वारा पुलिस प्रशासन और धनबल का दुरुपयोग से राजनीति को दूषित होगी, मैं जनता से अपील करना चाहता हूं की पार्षदों के चुनाव से खरीद-फरोख्त की संभावना बढ़ जाती है धनबल बाहुबल से जो चुनाव होता है उसके परिणाम भी हमें 5 साल भुगतने होते हैं। मैं अपराध मुक्त दमोह इसलिए चाहता हूं क्योंकि जो परिस्थितियां हैं वह आगे भी निर्मित ना हो जिस वार्ड में हमारे प्रत्याशी को धमकियां दी जाती है उस बाद में हम घर घर जाकर पूरी दम से चुनाव प्रचार करेंगे डर कहीं बाहर नहीं है डर हमारे दिल में है हम उस डर से लड़ेंगे।
दमोह वासियों को यह भी ध्यान दिलाना चाहता हूं कि हमारे आसपास के ग्रामीण क्षेत्र जो एक तरह से दमोह शहर का ही हिस्सा बन चुके हैं आमचौपरा,हिरदेपुर, सिंगपुर,ईमलाई,समन्ना,आदि।
हम आगामी 10 वर्षों की योजना के माध्यम से इनका विकास करना चाहते हैं दमोह शहर नगरपालिका के परिसीमन के लिए हम राज्यपाल हाईकोर्ट तक गए कांग्रेस की सरकार के समय हम ने राज्यपाल के हस्ताक्षर करवा लिए थे भाजपा सरकार में खुरई पन्ना और गढ़ाकोटा की परिसीमन तो हुए परंतु जो दमोह का परिसीमन राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद होना था वह नहीं हुआ मेरा प्रश्न है दमोह के बड़े नेताओं से आदरणीय सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री पहलाद सिंह पटेल कैबिनेट मंत्री राहुल सिंह और जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी से क्या आप को दमोह की चिंता नहीं करते क्या आप नहीं चाहते कि हमारे आसपास के गांव के लोगों को पानी स्टेलाईट बिजली और कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था मिले आप लोग इस पर बात क्यों नहीं करते प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते कलेक्टर अधिकारियों से क्यों नहीं मिलते। आदरणीय सांसद महोदय इसके लिए पत्र लिखे बात करें।
सांसद प्रतिनिधि ने जो पत्र कलेक्टर को लिखा था इससे यह सिद्ध होता है कि आप संवैधानिक प्रक्रिया को बाधित कर रहे हैं प्रभावित कर रहे हैं आपको दमोह की जनता की चिंता नहीं है।
आगे कहना चाहता हूं कि हम वादे नहीं इरादे लेकर आएंगे, कई लोग यह प्रश्न पूछते हैं कि पिछली बार भी हमारी सरकार थी तो यह सब हमने पिछली बार क्यों नहीं किया मैं इस बात का जवाब देना चाहता हूं कि मैं भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता था मेरी पिता एक कद्दावर मंत्री थे शायद उन्हीं के कारण मेरा भी एक बड़ा नाम और कोई जवाबदारी थी परंतु जवाबदारी हम सभी की सामूहिक थी मैं कार्य करता था कलम मेरे हाथ में नहीं थी मैं केवल उन्हें चैता सकता था। ई टेंडर प्रक्रिया में अपनी बात पर सफल भी हुआ परंतु इससे मुझसे कई लोग नाराज भी हुए क्योंकि कलम मेरे हाथ में नहीं थी अध्यक्ष सभापति पार्षद और भी अन्य लोग थे



