राम चरित मानस के पाठ मात्र से होता है दुखों का नाश

जबलपुर दर्पण। रामचरितमानस एक ग्रंथ मात्र नहीं जीवन के संपूर्ण काल क्रम में होने वाले सुख और दुख में जीवन को सुव्यवस्थित चलने के लिए मार्ग प्रशस्त करने का उत्तम साधन है । रामचरितमानस में हर वर्ग और जीव को परिवार मानकर संपूर्ण जगत के प्राणी माना है। रामचरितमानस के पाठ से जीवन के संपूर्ण दुखो का नाश होता है। उक्त उद्गार संत महात्माओं नेश्री राम मंदिर मदन महल मे परम पूज्य गुरुदेव ब्रह्मषि विश्वात्मा जी महाराज के आशीर्वाद एवं साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी जी के सरक्षंण मे सामुहिक श्री राम चरित मानस अंतिम मास पारायण पाठ क पुनीत अवसर पर
परम पूज्य बाबा कल्याण दास जी, गुप्तेश्वर पीठाधीश्वर स्वामी मुकुदं दास जी महाराज स्वामी अशोकानंद, दादा पगलानंद, स्वामी रामराजाचार्य , ने कहे। कार्यक्रम नगर के विद्बान संतो जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति मे प्रवचन सतसंग, एवं प्रसाद के साथ सम्पन्न हुआ। श्री राम मंदिर मदन महल के अध्यक्ष गुलशन मखीजा, मनोज शर्मा, रमेश शर्मा, मनोज नारंग ,सुभाष खत्री, मनीष पोपली, गीता पांडे, पंडित राम कुशल पांडे ,नीरा मखीजा ,रोशनी सहित सैकड़ों श्रदालु जनो ने इस पुनीत अवसर पर अपनी हाजिरी लगाई ।



