श्रीमद्भागवत से पितरों को तृप्ति मिलती है : स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण। श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से जीवात्मा को नीच योनियों से मुक्ति मिलती है । वेदों में भी सभी व्रत महोत्सव पर्वों से सर्वोच्च पितृपक्ष को माना जाता है इसे महालय कहते हैं । जीव का स्मरण कर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से पितरों को तृप्ति मिलती है। उक्त उद्गार नर्मदा मैया के तट पर भागवताचार्य स्वामी अशोकानंद महाराज ने श्री भक्ति धाम सेवा समिति, भागवत सेवा समिती के तत्वावधान में भक्ति धाम ग्वारीघाट में श्रीमद्भागवत कथा में पितृ पक्ष के व्दितीय दिवस कहे।
श्रीमद्भागवत पुराण, महाराज जी का पूजन अर्चन आरती पं वेदांत शर्मा, अरूण शर्मा, पप्पू लालवानी, विजय पंजवानी, उमेश पारवानी, घनश्याम, जगदीश दीवान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही।



