ब्रम्हाण्ड में लोक कल्याण के लिए ही श्रीराम का अवतरण

जबलपुर दर्पण। राम का जन्म मात्र लोक कल्याण के लिए हुआ है । मर्यादा और अनुशासन के साथ संपूर्ण प्रकृति की निरंतर सेवा करना सिखाते हैं । अयोध्या में चारों भाइयों के जन्म के साथ ही उल्लास उमंग का संचार होता है , सर्व देव राजा दशरथ के पुत्र के सखा बनने लालयित है। जीवन के हर सोपानों में राम के लीला काल का ही समावेश है। राम कथा त्रिवेणी है जिसमें ज्ञान कर्म और भक्ति का तीनों का समावेश है, उक्त उद्गार परम पूज्य आचार्य रमाकांत मिश्र (रामजी भाई ने राम कथा में श्रीराम जन्म की कथा में कहे। श्री राम चरित मानस , श्रीपीठ का वैदिक पूजन अर्चन पं राम कुशल पांडे,आचार्य धीरेन्द्र पाण्डेय ,महेंद्र कुमार सेठी शोभा सेठी ,अजय धगट अंशुमाला धगट ,स्तुति शेलत ,श्रीमती अरुणा -अरुण ग्रोवर ,श्रीमती राशि- तन्मय शेलत् , गुलशन मखीजा, मनोज शर्मा, मनीष पोपली, जवाहर महाजन, रामजी अग्रवाल, गीता पांडे, मीना महाजन, नीरा, ने किया। श्री राम मंदिर समिति के सभी सदस्यगणों व अनेक श्रद्धालुओं ने आनंद और भाव में विभोर होकर श्री राम कथा का श्रवण किया।



