सिहोरा जन अनशन पर बैठें युवाओं की सुध लेने वाला कोई नही:प्रशासन मौन

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता सिहोरा। सिविल अस्पताल सिहोरा की जटिल समस्याओं को लेकर दो दिन से बैठे वेलफेयर के युवाओं की समस्या को स्थानीय अधिकारी रुचि नही दिखा रहे हैं। न ही सांसद विधायक के पास समय है। सिहोरा नगर पालिका क्षेत्र से लेकर अनेकों गांव के लोग सिहोरा सिविल अस्पताल में इलाज कराने प्रतिदिन आते हैं फिर भी न जाने क्यो इस शासकीय सिविल अस्पताल की समस्या जस की तस बनी हुई हैं। हर छोटी सी बीमारी को लेकर पीड़ित मरीज को जबलपुर मेडिकल रिफर कर दिया जाता हैं चाहें वह छोटा सा बालक हो या फिर महिला पुरूष हो अस्पताल नगर वासियों के इलाज़ हेतु बना है।लोगों के जीवन की सुरक्षा व्यवस्था सरकार नहीं कर सकती हैं तो बंद कर दे इतने बड़े शासकीय सिविल अस्पताल को फिर कोई भी नहीं बैठेगा जन समस्याओं के लिये धरने हड़ताल पर। शासन प्रशासन नियम अनुसार कोई भी कार्य समय पर नहीं कर पाता है और आम लोगों के लिए नियमों के आदेश जारी कर देता हैं। इन लोगों की मांग व शासकीय सिविल अस्पताल सिहोरा की आवश्क जरूरतों की पूर्ति एवं निर्धारित समय पर उचित डॉक्टरों की व्यवस्था करना और जन समस्याओं के सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए जिला मुख्यालय की जवाबदेही बनती हैं। प्रशासन इन लोगों की बातों को सुनकर, शा. हॉस्पिटल सिहोरा की व्यवस्था पर ध्यान दे एवं उचित व्यवस्था बनाने का हल निकल। नहीं तो सिहोरा में रोजाना रिफर के कारण एक मौत निश्चित है।
जब हमारे संवाददाता ने सिहोरा शासकीय हास्पिटल की समस्या को लेकर अनुविभागीय अधिकारी आशीष पाण्डे से बात की तो उनके द्वारा कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया
सिहोरा संवाददाता मनीष श्रीवास ने अनशन पर बैठें युवाओं से चर्चा की तो उनके द्वारा बताया गया की रविवार को दोपहर में धरना स्थल पर सिहोरा एस.डी.एम आशीष पाण्डे ने सिविल अस्पताल की चर्चा में कहा कि सिहोरा शासकीय हास्पिटल में कोई भी समस्या नहीँ हैं। तुम लोग बेवजह राजनीति कर रहे हो तुम सभी छात्र हो बेकार में अपना समय बर्बाद करने में लगें हो कुछ नही होगा



