नर्मदा के पावन तट पर मूत्रालय, गंदी हो रही नर्मदा

जबलपुर दर्पण। श्री वात्सल्य सेवा धाम के संस्थापक अभिषेक सिंह एवं उनके शिष्य मंडल द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु एक विशाल संकल्प यात्रा निकाली गई थी जो संजीवनी नगर गढ़ा से प्रारंभ होकर ग्वारीघाट तक गई थी इस यात्रा की लिखित जानकारी आयुक्त नगर निगम जबलपुर को भी दी गई थी ।
जब हम लोगों ने ग्वारीघाट पर मां नर्मदा के पावन तट पर निरीक्षण किया तो पाया गया की घाट पर ही दो शौचालय बने है जिसके निस्तार का गंदा पानी सीधे नर्मदा जी में उमाघाट और दरोगाघाट के मध्य घाट मां नर्मदा में ही मिलता है । वाटर फ़िल्टर प्लांट बंद है उसमें से गन्दा पानी रिस्ता है घाट पर उपस्थित समस्त दुकान का जो गन्दा पानी है वह भी नाली के रूप में घाट पर मिल रहा है । चूंकि हम सब को ज्ञात है ग्वारीघाट पर सभी श्रद्धालु उसी पानी से आचमन करते हैं, स्नान पूजा आदि का कार्य करते हैं जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ता है । जिसका हम सब तीव्र विरोध एवं निंदा करते है । दोनों मूत्रालय को तुरंत प्रभाव से बंद कर दें एवं उसकी जगह वैकल्पिक रूप में बायो टॉयलेट की व्यवस्था या मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जावे । वॉटर फिल्ट्रेशन प्लांट को तुरंत प्रभाव से चालू करें जिससे घाट पर स्थित सभी होटलों गंदे पानी एवं सुंदर शौचालय का एवं घाट के ऊपर बनी बस्तियों का गन्दा पानी उस वाटर फ़िल्टर प्लांट में आवे और फ़िल्टर होकर नर्मदा जी मे मिले।
आपसे आशा है कि आप उपरोक्त विषय को गंभीरता से लेते हुए इस ज्ञापन में उल्लेखित बिन्दुओं को विगत 7 दिन में सुधार कार्य कर पूर्ण
का निवेदन किया।



