गुरु तेग बहादुर के जीवन आदर्शों से ही होगी राष्ट्र और हिंदुत्व की रक्षा

जबलपुर दर्पण। गुरु तेग बहादुर जी ने हिंदुत्व और राष्ट्र रक्षा के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान कर दिया । उन्होंने हिंदुत्व और राष्ट्र हेतु अपना सिर कटाना पसंद किया पर मुगलों के समक्ष सर झुकाकर इस्लाम स्वीकार नहीं किया।आज उनके त्याग और बलिदान के कारण ही भारत में हिंदुत्व जिंदा है। उक्त उद्गार भारत रक्षा मंच,जबलपुर महानगर द्वारा पीएसए पब्लिक स्कूल में गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा व ” वर्तमान समय में गुरु तेग बहादुर जी के जीवन आदर्शों की प्रासांगिकता ” विषय पर आयोजित व्याख्यान माला में वरिष्ठ समाजसेवी व मुख्य अतिथि श्रीमती गुरुदीप कौर छीना ने व्यक्त किए।कार्यक्रम अध्यक्ष शिक्षाविद् संजय शुक्ला ने भावी पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना भरने हेतु इन बलिदानी महा पुरुषों के त्याग और बलिदान की कहानियों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि सुनील कुमार जैन तथा मंच के प्रांत मंत्री जीवेश पांडे ने कहा कि इन महापुरुषों के त्याग और बलिदान संबंधी कार्यक्रम विशाल सभागारों की बजाय स्कूलों में छात्र छात्राओं के बीच आयोजित किए जाने चाहिए ताकि राष्ट्रभक्त पीढ़ी का निर्माण किया जा सके।
आयोजन में भारत रक्षा मंच की महानगर महिला प्रमुख मंजू इंगले, सुनीता शुक्ला,मंजू शर्मा,भारती जैन,अखिलेश उपाध्याय,जगजीत सिंह जग्गी,सिंकी बर्मन,रानू केवट, इति इंगले, आशी साहू, अभय प्यासी,सुमित प्यासी,राजेंद्र तिवारी, गीतांजली ठाकुर,अनुष्का ठाकुर,सरस्वती नामदेव,काजल ठाकुर व दुर्गेश नंदिनी दुबे सहित बड़ी संख्या में मंच के कार्यकर्ता और छात्र छात्राएं उपस्थित थीं।



