विशाल धर्म-सभा, बटुक सम्मेलन, संगोष्ठी व दीक्षा सम्पन्न

जबलपुर दर्पण। परमपूज्य श्रीगोवर्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में उज्जैन में विराट धर्म सभा,बटुक सम्मेलन,बटुक सम्मेलन,संगोष्ठी व गुरुदीक्षा संपन्न हुई जिसमे जबलपुर से भी काफी बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी सहभागी बने।
प. सूर्यनारायण व्यास अतिथि-निवास में संगोष्टी के दौरान भक्तजनों ने विस्तृत विषयों पर स्वामी जी से प्रश्न किये जिसके शास्त्र सम्मत समाधान स्वामीजी ने वेद, पुराण, गीता, उपनिषदों की ऋचाओं आदि के उद्धरण सहित बताकर सभी की जिज्ञासा शांत की । पूज्य शंकराचार्य जी ने कुण्डली जागरण, शक्तिपात, कैवल्य, मोक्ष, मुक्ति के प्रकार, दर्शन, मन, बुद्धि, इन्द्रिय, धर्म, वैराग्य आदि अनेक विषयों पर विस्तार से व्याख्या प्रस्तुत की । स्वामीजी ने हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा को लेकर स्पष्ट किया कि यह सुसंस्कृत, सुशिक्षित, सुरक्षित, सम्पन्न राष्ट्र होकर सभी को स्वीकार्यता के अनुरूप होगा व लेश मात्र भी विसंगति नही होगी ।
स्वामी जी ने कहा की भारत आज भी विश्व गुरु है। उन्होंने कहा कि धर्म व नीति एक दूसरे के पर्याय हैं।संध्या महाकाल मंडपम में विशाल धर्म सभा, बटुक सम्मेलन सम्पन्न हुआ जिसमे हजारों बटुकों, विद्वजन, प्रबुद्धजन, गणमान्यजन सम्मिलित हुए। स्वामीजी ने अनेक श्रद्धालुओं के प्रश्नों का समाधान भी किया ।श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से प्रशासक श्री संदीप सोनी ने महाराजजी का सम्मान किया ।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य डॉ पीयूष त्रिपाठी ने किया। आयोजन में अनेक संत, महात्माओं सहित विशाल शर्मा, श्याम बाबू नेमा, विजय तिवारी, जीवेश पांडे,रामायण प्रसाद चौबे,समर्थ माते,दिव्यकीर्ति त्रिपाठी,हर्षित सिंग,संदीप तिवारी,विकास पांडेय मन्दिर अधिकारी आर के तिवारी, प्रतीक द्विवेदी व आर पी गहलोतआदि उपस्थित थे।



