अटैचमेन्ट का खेल अभी भी जारी

जुगाड़मेन्ट लगाकर अभी भी कर रहे मौज
जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि सरकार ने सभी विभागों विशेषकर शिक्षा विभाग के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किये हैँ कि जो लोकसेवक जहाँ पदस्थ /कार्यरत हैँ उसको वहीँ पर अपनी सेवाएं देनी हैँ किसी भी अन्य कार्यालय में उनका अटैचमेन्ट नहीं किया जायेगा अन्यथा वेतन आहरण/वितरण नहीं किया जायेगा। अभी भी कुछ तगड़े जुगाड़मेन्ट वाले अपनी मूल संस्था में अपनी सेवाएं नहीं दे रहें हैँ अपितु वे स्वयं के लिए सुविधाजनक स्थान /कार्यालय में अटैच हैँ। लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग… इत्यादि के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी अभी भी शासकीय आदेश की धज्जियाँ उड़ाते हुए मूल संस्था छोड़कर अन्यत्र सुविधाजनक घर के नजदीक वाले कार्यालयों /स्थानों में अटैच हैँ एक लोकसेवक कटंगी में पदस्थ है और जिस दिन से पदस्थापना हुई उसी दिन से पनागर में अपनी सुनार की दुकान चला रहा है अर्थात पनागर में अटैच है।ऐसे अनेक उदाहरण है अपने विभाग को अपनी संस्था को छोड़कर दूसरी जगह अटैच हैँ और मौज कर रहें हैँ। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ अटैच होकर शहर की आवोहावा का भरपूर आनंद उठा रहें हैँ।स्थानीय शासन एवं सक्षम अधिकारीयों की आँखों में धूल झोंक रहें हैँ तथा विभाग प्रमुख इन अटैच लोकसेवकों की जानकारी कलेक्टर साहब और स्थानीय प्रशासन को जानबूझकर नहीं दे रहें हैँ। संयुक्त संगठन के चंदा सोनी, पुष्पा रघुवंशी, आशा सिसोदिया,ब्रजेन्द्र तिवारी,सुरेंद्र जायसवाल, अफ़रोज़ खान,माया सोयाम,रवि केवट,सुनील दुबे, सिया पटेल, कमलारानी, गगन ठाकुर, ऍम एस मरकाम,विजय तिवारी, निर्मला पोर्ते,रोहित साहू, सुमन डेहरिया, मनीष झारिया, कृष्ण कुमार पटेल, दिनेश बिसेन, राधेश्याम पटेल, ज्योति झारिया, प्रीति पटेल, के एल जायसवाल, ऋषि नंदा, प्रगति गुप्ता,अंजनी उपाध्याय,वीरेंद्र दुबे,कमल यादव,समर सिंह,नितिन तिवारी,आकाश भील,ब्रजवती आर्मो, भागीरथ परसते, योगिता नंदेश्वर, पूर्णिमा बेन, अम्बिका हँतिमारे, राजेश्वरी दुबे, गीता कोल, अर्चना भट्ट,सरोज कोल,आसाराम झारिया,कमलेश दुबे, सुमिता इंगले, अजब सिंह, डेलन सिंह, जागृति मालवीय,प्रमोद चौबे, संदीप परिहार, पुष्पा रघुवंशी, प्रेमवती सोयाम, रेनू बुनकर, शांति टेकाम आदि ने स्थानीय शासन प्रशासन से पत्रांचार कर इस विषय पर गंभीरता से चिंतन मनन कर शीघ्र अतिशीघ्र निर्णय लेने को कहा है और अटैच मेन्ट समाप्त करने की मांग की है।



