हरि नाम स्मरण मात्र से आसुरी वृत्तियों का नाश : भागवताचार्य श्री अनूपदेव जी शास्त्री

जबलपुर दर्पण। श्रीहरि नारायण के अवतारों में समस्त ब्रह्माण्ड के कल्याण की भावना निहित होती है। समाज में व्यक्ति का रूप स्वरूप के साथ स्वभाव का सुंदर होना अति आवश्यक है। भगवत प्रसाद में मिला हुआ विष भी अमृत तुल्य होता है । श्रीकृष्ण का अवतरण आसुरी शक्तियों के नाश के लिए हुआ, इसलिए नाम स्मरण मात्र से आसुरी वृत्तियों का नाश होता है।उक्त उद्गार भागवताचार्य अनूपदेव महाराज के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस हरि नारायण के अवतारों की कथा श्री राम मंदिर मदन महल में कहे।
श्रीमद्भागवत कथा पुराण में पं राम कुशल पांडे मुख्य यजमान सुभाष चंद्र खत्री एवं अंजू खत्री , गुलशन मखीजा, ने व्यास पीठ का पूजन अर्चन आरती की। श्री कृष्ण जन्मोत्सव में नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास महाराज जी, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू,
रिंकू विज, शरद अग्रवाल, अरविंद पाठक, राजेश मिश्रा,पार्षद निशा राठौर, पार्षद रजनी कैलाश साहू, विध्येश भापकर,गीता पांडे, रोशनी नारंग, मीना महाजन, विजया अरोरा, सुदेश खुराना, मनोज नारंग, मनीष पोपली, गुरूदास मल शर्मा, जवाहर महाजन, अनिल चंडोक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त जनों की उपस्थिति रही।



